19 C
London
Tuesday, June 23, 2026
Homeराजनीतिराहुल की नागरिकता तो... कांग्रेस के लिए क्यों परेशानी खड़ी करते हैं...

राहुल की नागरिकता तो… कांग्रेस के लिए क्यों परेशानी खड़ी करते हैं सुब्रह्मणयम स्वामी?

Published on

नई दिल्ली

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी एक बार फिर से सुर्खियों में बने हुए हैं। स्वामी ने इस बार राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा उठाया है। स्वामी राहुल की नागरिकता के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। बीजेपी नेता ने याचिका में गृह मंत्रालय को यह निर्देश देने की अपील की कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने के अनुरोध संबंधी उनके अभ्यावेदन पर फैसला करे। यह पहली बार नहीं है जब स्वामी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला है। स्वामी कांग्रेस के लिए अगस्ता वेस्टलैंड से लेकर नेशनल हेराल्ड केस में परेशानी खड़ी कर चुके हैं। वे राहुल गांधी के साथ ही सोनिया गांधी को भी अदालत तक पहुंचा चुके हैं।

इंदिरा के कारण गंवाई थी IIT की नौकरी
कांग्रेस से स्वामी की अदावत काफी पुरानी रही है। महज 24 साल की उम्र में हार्वर्ड से पीएचडी करने वाले स्वामी का इंदिरा गांधी से भी छत्तीस का आंकड़ा रहा है। बात 1968 की है। उस समय अमर्त्य सेन ने स्वामी को दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाने का न्योता दिया था। स्वामी ने उनका निमंत्रण स्वीकार कर दिल्ली में पढ़ाना शुरू कर दिया। एक साल बाद 1969 में स्वामी ने आईआईटी दिल्ली जॉइन कर लिया। इंदिरा गांधी से नाराजगी की वजह से 1972 में उन्हें आईआईटी की नौकरी गंवानी पड़ी। मामला अदालत तक पहुंचा। आखिरकार 1991 में फैसला स्वामी के पक्ष में आया। फैसले के बाद वह एक दिन के लिए आईआईटी दिल्ली गए। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की मांग
स्वामी कांग्रेस पार्टी को विदेशी लोगों का गुट बता चुके हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस कोई पार्टी नहीं बल्कि विदेशी लोगों का गुट है। इसमें सब लोग एक गुलाम हैं। स्वामी का कहना है कि जब तक कांग्रेस से नेहरू परिवार की छुट्टी नहीं हो जाती तब तक कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं है। साल 2012 में स्वामी ने चुनाव आयोग से कांग्रेस पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को लोन देने का हवाला देते हुए पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग की थी। स्वामी का कहना था कि आयकर अधिनियम (1961) की धारा 13ए और आरपीए (1951) अधिनियम की धारा 29ए से 29सी के अनुसार कोई भी राजनीतिक पार्टी किसी भी कम्पनी को ब्याज या ब्याज मुक्त ऋण नहीं दे सकती है। वहीं, कांग्रेस ने इसे भावनात्मक मुद्दा बताया था।

राहुल के लिए कह चुके ये बात
स्वामी राहुल गांधी को लेकर अक्सर आक्रामक रहते हैं। वह राहुल गांधी को बेवकूफ से लेकर नशा करने वाला तक बता चुके हैं। इस साल एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने राहुल गांधी को बेवकूफ बताया था। स्वामी ने जुलाई 2019 में राहुल गांधी को नशेड़ी बताया था। स्वामी ने कहा था कि राहुल गांधी कोकीन लेते हैं। उनका कहना था कि राहुल गांधी का यदि डोप टेस्ट किया जाए तो वे फेल हो जाएंगे। इसके बाद स्वामी के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ था। बिहार में एनएसयूआई ने बीजेपी सांसद के खिलाफ केस दर्ज कराया था। यह केस बिहार के मोतिहारी सिविल कोर्ट में दर्ज हुआ था। इतना ही नहीं स्वामी राहुल की डिग्री पर भी सवाल उठा चुके हैं। 2019 में ही स्वामी ने एक ट्वीट में कहा था कि कैम्ब्रिज सर्टिफिकेट के अनुसार राहुल गांधी का नाम राउल विंसी है। स्वामी ने कहा था कि राहुल नेशनल इकोनॉमिक प्लानिंग एंड पॉलिसी में फेल हो गए थे। उन्होंने एक सर्टिफिकेट भी पोस्ट किया था।

अगस्ता वेस्टलैंड में सोनिया पर वार
स्वामी अगस्ता वेस्टलैंड मामले को लेकर भी सोनिया गांधी के खिलाफ आक्रामक रहे हैं। एक इंटरव्यू के दौरान स्वामी ने कहा था कि स्वामी ने कहा कि मैं यह मान सकता हूं कि सोनिया गांधी दोषी हैं। लेकिन, इसे आपकी संतुष्टि के लिए साबित करने की प्रक्रिया में मुझे कानूनी प्रणाली से गुजरना होगा। मैं तब तक कोई मामला नहीं लेता जब तक मुझे यकीन न हो जाए कि व्यक्ति दोषी है। स्वामी का कहना था कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में जांच एजेंसी को सोनिया गांधी से पूछताछ करनी चाहिए। बीजेपी नेता ने कहा था कि बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल का पत्र स्पष्ट रूप से सोनिया गांधी की ओर इशारा करता है। उनका कहना था कि यह कांग्रेस अध्यक्ष की संलिप्तता की ओर इशारा करने वाला एकमात्र सबूत नहीं है। स्वामी का कहना था कि लेटर में कहा गया है कि सौदे के पीछे वही मुख्य ताकत हैं।

नेशनल हेराल्ड केस
स्वामी ने कांग्रेस के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले को अदालत तक पहुंचाया था। स्वामी का आरोप था कि तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं उनके पुत्र राहुल गांधी ने कम्पनी बना कर नकली एवं फर्जी सौदे द्वारा 1600 करोड़ रुपये के हेराल्ड हाउस एवं इस समूह से जुड़ी सम्पत्तियों को हथिया लिया। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी 2008 से ही एसोसिएटेड जर्नल्स प्राइवेट लिमिटेड के अंशधारक थे लेकिन उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनावों में इस बात का खुलासा नहीं किया।

बोफोर्स में किया था राजीव गांधी का बचाव
कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाले सुब्रहमण्यम स्वामी ने बोफोर्स के मुद्दे पर राजीव गांधी का साथ दिया था। एक समय में वे राजीव गांधी के करीबी दोस्तों में शामिल थे। स्वामी ने बोफोर्स का मुद्दा उछलने के दौरान सार्वजनिक रूप से कहा था कि राजीव ने इस मामले में एक भी पैसा नहीं लिया है। स्वामी ये दावा करते रहे हैं कि वे राजीव के साथ घंटों समय बीताते थे। इतना ही नहीं वे राजीव गांधी के बारे में काफी कुछ जानते हैं।

Latest articles

सोमनाथ मंदिर राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक...

जिला आधारित विकास मॉडल विकसित राजस्थान का आधार : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित विकास मॉडल विकसित राजस्थान की...

विकसित भारत शिक्षा अधिनियम विधेयक-2025 पर सीएम भगवंत मान की आपत्ति, केंद्र से पुनर्विचार की मांग

चंडीगढ़। भगवंत मान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर प्रस्तावित ‘विकसित...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...