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Tuesday, June 2, 2026
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क्या राहुल संभालेंगे एक बार फिर पार्टी की कमान? चुनाव से पहले गहलोत का बड़ा दांव

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नई दिल्ली

आज से 3 दिन बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कौन पार्टी का अगला अध्यक्ष होगा इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है। राहुल गांधी ने यह कहकर सस्पेंस और बढ़ा दिया कि अध्यक्ष बनना है कि नहीं इसका फैसला उन्होंने कर लिया है लेकिन वो अपना जवाब चुनाव के दौरान ही देंगे। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की ओर से अभी हाल ही में कहा गया कि अध्यक्ष चुनने के लिए व्यापक सहमति बनाई जानी चाहिए। साथ ही कहा कि किसी भी स्थिति में संगठन से जुड़े मामलों में नेहरू-गांधी परिवार का महत्व बना रहेगा। दूसरी ओर शशि थरूर, मनीष तिवारी और पार्टी के कुछ दूसरे नेताओं ने चुनाव में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं इन सबके बीच एक बार फिर बड़ी तेजी से राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। शनिवार राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल गांधी को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। वहीं छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी कहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की कमान राहुल गांधी के हाथों में होनी चाहिए। अब इस कड़ी में दूसरे नेता भी पीछे नहीं दिखना चाहते।

राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पास
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर शनिवार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पीसीसी डेलीगेट्स की बैठक हुई। बैठक में सीएम गहलोत के अलावा प्रदेश प्रभारी अजय माकन, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा समेत दूसरे नेता मौजूद रहे। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फिर दोहराया कि उनकी इच्छा है कि राहुल गांधी कांग्रेस की कमान संभालें। सीएम की इस बात का पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और दूसरे प्रतिनिधियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इससे पहले राजस्‍थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों (डेलिगेट्स) की बैठक में पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष व राजस्‍थान से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रतिनिधि चुनने का अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष को देने का प्रस्ताव पारित किया गया।

कांग्रेस की कमान रहे राहुल गांधी के ही पास
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने अभी हाल ही में कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की कमान राहुल गांधी के हाथों में होनी चाहिए। इसके पीछे कारण गिनाते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी से लोगों का जुड़ाव है। केंद्र सरकार से लड़ते हुए भी वे अकेले दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ही सर्वमान्य नेता हैं और उनसे बेहतर कोई नहीं है। बघेल ने खुद को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि वे न तो दावेदार हैं और न ही उनकी इच्छा है। उनमें इस पद को संभालने लायक योग्यता भी नहीं है। कुछ समय पहले गुलाम नबी आजाद ने जब कांग्रेस छोड़ी उस वक्त बघेल ने उन पर करारा हमला बोला था। भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं की कोई हैसियत नहीं है।

हमेशा नेहरू-गांधी परिवार का महत्व बना रहेगा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पार्टी अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से कुछ दिन पहले कहा कि नया अध्यक्ष चुनने के लिए सहमति बनाई जानी चाहिए और किसी भी स्थिति में संगठन से जुड़े मामलों में नेहरू-गांधी परिवार का महत्व बना रहेगा। गांधी परिवार से अलग कोई और अध्यक्ष चुना जाता है तो भी सोनिया गांधी वह व्यक्ति होंगी जिनकी ओर हर व्यक्ति उम्मीद से देखेगा साथ ही राहुल गांधी पार्टी के वैचारिक केंद्रबिंदु बने रहेंगे। जयराम रमेश ने इस बात को खारिज कर दिया कि किसी दूसरे के अध्यक्ष बनने पर भी राहुल गांधी ‘बैकसीट ड्राइविंग’ का काम करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के कुछ नेताओं की आलाकमान संस्कृति से जुड़ी दलील को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था के बिना पार्टी में अराजकता पैदा हो जाएगी। जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी उदार और लोकतांत्रिक व्यक्ति हैं साथ ही यह भी कहा कि आलाकमान के बिना कोई भी पार्टी ‘अराजक’ हो जाएगी।

क्या कोई आएगा मैदान में
लोकसभा सदस्य शशि थरूर समेत कुछ कांग्रेस नेताओं की ओर से यह लगातार कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए लोकतांत्रिक मुकाबला होने से पार्टी में नयी जान आएगी। शशि थरूर और दूसरे कुछ नेताओं की ओर से यह कहा जा रहा है कि अधिक से अधिक लोग चुनाव लड़ें यह पार्टी के लिए अच्छा है। शशि थरूर समेत पार्टी के दूसरे कुछ सांसदों ने हाल ही में पार्टी अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई थी। इन नेताओं की मांग थी कि कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के निर्वाचक मंडल (डेलीगेट) की सूची मतदान में हिस्सा लेने वालों और संभावित उम्मीदवारों को नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रदान की जाए। पार्टी सांसद शशि थरूर, मनीष तिवारी, कार्ति चिदंबरम, प्रद्युत बारदोलोई और अब्दुल खालिक ने मिस्त्री को पत्र लिखकर यह आग्रह किया था। कांग्रेस की ओर से घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 22 सितंबर को पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। 24 सितंबर से नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं। यदि एक से अधिक उम्मीदवार हुए तो 17 अक्टूबर को मतदान होगा।

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