नई दिल्ली,
एशेज सीरीज 2023 सीजन का पहला मैच एजबेस्टन में खेला गया, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई टीम एक चैम्पियन की तरह ही आगाज किया. हाल ही में वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) का फाइनल जीतकर आ रही कंगारू टीम ने इंग्लैंड को सीरीज के पहले टेस्ट में 2 विकेट से करारी शिकस्त दी.
मैच के पहले दिन से ही इंग्लैंड टीम भारी नजर आ रही थी, लेकिन आखिरी दिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने पूरी बाजी ही पलट दी. इस मैच के हीरो उस्मान ख्वाजा और पैट कमिंस रहे, जिनके आगे मेजबान इंग्लैंड टीम पस्त नजर आई. इस मुकाबले में कंगारू टीम एक चैम्पियन की तरह ही खेली.
इस तरह एशेज सीरीज का पहला टेस्ट जीती ऑस्ट्रेलिया
भारतीय टीम को भी ऑस्ट्रेलिया से सीखना चाहिए कि टेस्ट क्रिकेट में टारगेट किस तरह चेज किया जाता है. दरअसल, WTC फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया को 444 रनों का टारगेट चेज करना था और उसके पास करीब डेढ़ दिन का समय भी था, लेकिन पूरी टीम 234 रनों पर सिमट गई.
जबकि एशेज सीरीज में इंग्लैंड ने 281 रनों का टारगेट दिया था, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया. ऑस्ट्रेलिया ने मैच में 227 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए थे, तब लग रहा था कि इंग्लैंड यह मैच जीत लेगी. मगर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने नाथन लियोन के साथ मिलकर 8वें विकेट के लिए 55 रनों की नाबाद पार्टनरशिप की और टीम को जीत दिलाई. कमिंस 44 और लियोन 16 रन बनाकर नाबाद रहे. इस टेस्ट मैच के बाद 4 बड़ी चीजें सामने आती हैं, जिन्हें इस तरह समझते हैं….
WTC विजेता ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के ‘बैजबॉल’ को दिया बड़ा झटका
इंग्लैंड इस समय ब्रेंडन मैक्कुलम की कोचिंग में ‘बैजबॉल गेम’ के साथ टेस्ट में आगे बढ़ रही है. ‘बैजबॉल’ का मतलब टेस्ट क्रिकेट में भी आक्रामक खेल से है. इसी के दम पर इंग्लैंड ने पहली पारी 8 विकेट पर 393 रन बनाकर पहले ही दिन घोषित कर दी थी. मगर उस्मान ख्वाजा ने पहली पारी में शतक (141) और दूसरी पारी में फिफ्टी (65) जमाकर इस ‘बैजबॉल’ की धज्जियां उड़ा दीं. आखिर में पैट कमिंस ने नाबाद मैच विनिंग 44 रन बनाकर इंग्लैंड को चारों खाने चित किया.
ख्वाजा ने जूझते हुए टीम को टारगेट के करीब पहुंचाया
ख्वाजा के लिए ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाना और ‘बैजबॉल गेम’ से पार पाना आसान नहीं था. उन्होंने पहली पारी में भले ही 141 रनों की शतकीय पारी खेली हो, लेकिन दूसरी पारी में उन्हें 65 रन बनाने में पसीना आ गया था. इसके लिए उन्होंने 197 गेंदों का सामना किया था. साथ ही उनके सामने दूसरी पारी में विकेट बचाना और बड़ी पार्टनरशिप करना भी बड़ी चुनौती रही थी. मगर सभी चुनौतियों से पार पाते हुए उन्होंने कंगारू टीम को जीत दिलाई.
कमिंस ने पुछल्ले बल्लेबाजों का साथ लेकर इंग्लैंड से जीत छीनी
दूसरी पारी में ख्वाजा ने 65 रन बनाकर जीत की नींव रखी थी, लेकिन उसे मुकम्मल करना निचले क्रम के बल्लेबाजों के कंधों पर था. 281 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 227 रनों पर ही 8 विकेट गंवा दिए थे, तब लग रहा था कि इंग्लैंड यह मैच जीत लेगी. मगर कमिंस ने नाथन लियोन के साथ मिलकर 8वें विकेट के लिए 55 रनों की नाबाद पार्टनरशिप की और टीम को जीत दिलाई. कमिंस 44 और लियोन 16 रन बनाकर नाबाद रहे.
WTC फाइनल में भारतीय टीम संघर्ष भी नहीं कर सकी थी
वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2023 का फाइनल मुकाबला 7 से 11 जून के बीच लंदन के द ओवल में खेला गया था. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया को 444 रनों का टारगेट चेज करना था और उसके पास करीब डेढ़ दिन का समय भी था, लेकिन पूरी टीम 234 रनों पर सिमट गई. ऐसे में टीम इंडिया को भी ऑस्ट्रेलिया से सीखना चाहिए कि टेस्ट क्रिकेट में टारगेट किस तरह चेज किया जाता है.
एजबेस्टन टेस्ट में कंगारू टीम ने जीत के लिए पूरा दम लगा दिया था. मगर WTC फाइनल में भारतीय टीम संघर्ष भी नहीं कर सकी थी. यही कारण भी रहा था कि टीम इंडिया ने यह मुकाबला 209 रनों से गंवाया था. यदि उस मैच में एक भी बड़ी पार्टनरशिप होती, तो मुकाबला भारत के पक्ष में भी जा सकता था. मगर विराट कोहली, कप्तान रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा समेत सभी स्टार प्लेयर ढेर होते नजर आए थे.
