नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट टीम में कोच के तौर पर राहुल द्रविड़ का उत्तराधिकारी कौन होगा, इसकी घोषणा अभी तक नहीं की गई है। आईसीसी टी20 विश्व कप के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और वह इसे आगे नहीं बढ़ाना नहीं चाहते हैं। वहीं भारत के पूर्व ओपनर बल्लेबाज गौतम गंभीर का नाम कोच के लिए सबसे आगे चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक गंभीर और बीसीसीआई के बीच बातचीत पूरी हो चुकी है और आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। ऐसे में अब गौतम गंभीर ने खुद टीम इंडिया की कोचिंग पर चुप्पी तोड़ी है।
गौतम गंभीर से अबुधाबी में एक कार्यक्रम के इतर कोच बनने को सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने कि वह राष्ट्रीय टीम को कोचिंग देना पसंद करेंगे। गंभीर ने हाल में कोलकाता नाइट राइडर्स को तीसरा इंडियन प्रीमियर लीग खिताब दिलाया और उन्हें राहुल द्रविड़ के योग्य उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय टीम के मुख्य कोच के पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 27 मई थी। लेकिन अभी तक स्पष्ट नहीं है कि गंभीर ने इसके लिए आवेदन भरा है या नहीं।
गौतम गंभीर का नाम है सबसे आगे
टीम इंडिया की कोचिंग को लेकर गंभीर ने कहा, ‘मैं भारतीय टीम को कोचिंग देना पसंद करूंगा। अपनी राष्ट्रीय टीम को कोचिंग देने से बड़ा कोई सम्मान नहीं है। आप 140 करोड़ भारतीयों और दुनिया भर के लोगों का प्रतिनिधित्व करोगे।’ इस हफ्ते के शुरु में भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने मुख्य कोच की भूमिका के लिए गंभीर का समर्थन करते हुए कहा था कि वह अच्छे उम्मीदवार हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैंने अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं दिया है, हालांकि बहुत लोगों ने मुझसे इसके बारे पूछा है। लेकिन अब मुझे आपको जवाब देना होगा।’ गंभीर ने कहा, ‘भारत को विश्व कप जीतने में 140 करोड़ भारतीय मदद करेंगे। अगर हर कोई हमारे लिए दुआ करना शुरू कर दे तथा हम उनका प्रतिनिधित्व करना और खेलना शुरू कर दें तो भारत विश्व कप जीत जायेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात निर्भिक होना है।’
छुट्टियां मनाने यूएई गए थे गंभीर
गौतम गंभीर संयुक्त अरब अमीरात की निजी यात्रा पर थे और उन्होंने मेडोर अस्पताल में खेल चिकित्सा विभाग का दौरा किया। इसमें 2007 विश्व टी20 और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के प्रमुख सदस्य रहे गंभीर की कोलकाता नाइट राइडर्स को हाल में सफलता दिलाने के लिए प्रशंसा की गई।गंभीर ने कहा, ‘एक खुशगवार ड्रेसिंग रूम ही सुरक्षित ड्रेसिंग रूम होता है। एक खुशगवार ड्रेसिंग रूम ट्रॉफी जीतने वाले ड्रेसिंग रूम में बदल जाता है। केकेआर में मैंने सिर्फ इसी मंत्र का पालन किया। भगवान की कृपा से यह वास्तव में कारगर रहा।’
