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शतक के लालची बल्लेबाजों को श्रेयस अय्यर की क्लास, सेंचुरी चूककर दे दिया जीवन का ज्ञान

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अहमदाबाद

आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स की टीम का सामना गुजरात टाइटंस से हो रहा है। इस मैच में पंजाब की टीम पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरी और उसने बोर्ड पर 243 रन टांग दिए। पंजाब के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेली। हालांकि श्रेयस के पास आसानी से अपना शतक पूरा करने का मौका था। लेकिन उन्हें आखिरी दो ओवर में ज्यादा स्ट्राइक ही नहीं मिल पाई। शशांक सिंह ने पंजाब की पारी का पूरा आखिरी ओवर खेला और अय्यर शतक से चूक गए। हालांकि इसके पीछे खुद श्रेयस अय्यर का ही हाथ था।

कैसे शतक से चूके अय्यर?
श्रेयस अय्यर 19वें ओवर के बाद 97 रन पर नाबाद थे। आखिरी ओवर में शशांक सिंह के पास स्ट्राइक थी। उन्होंने मोहम्मद सिराज के खिलाफ पहली गेंद पर चौका मारा। इसके बाद अगली गेंद पर दो रन आए। इसके बाद शशांक ने अगली 4 गेंदों पर लगातार चार चौके मार दिए। इसकी वजह से श्रेयस अय्यर को स्ट्राइक ही नहीं मिली। वह 97 रन बनाकर ही नाबाद रह गए। अय्यर को आखिरी तीन ओवर में सिर्फ चार ही गेंद खेलने को मिली थीं।

शशांक ने क्या बताया?
पंजाब की पारी के बाद शशांक ने कहा, ‘हां, यह एक अच्छा कैमियो था। लेकिन श्रेयस को देखकर, मुझे और भी प्रेरणा मिली। मैं बहुत ईमानदारी से कहूं तो – श्रेयस ने पहली गेंद से ही कहा कि मेरे शतक की चिंता मत करो! बस गेंद को देखो और उसे मारो। मैं कोशिश करता हूँ और सुनिश्चित करता हूं कि मैं बाउंड्री लगाऊं। जब आप उस नंबर पर जाते हैं, तो यह अधिक संभावना है कि आप अच्छा हिट न कर पाएं। मुझे पता है कि मैं किन शॉट्स का समर्थन कर सकता हूं। मैं अपनी ताकत पर ध्यान केंद्रित करता हूं बजाय उन चीजों पर जो मैं नहीं कर सकता।’

अय्यर के बयान से मिलती है सीख
श्रेयस अय्यर की इस बात से यही सीख मिलती है कि खिलाड़ियों को खुद से पहले टीम के बारे में सोचना चाहिए। शतक से खिलाड़ी का फायदा हो सकता है, लेकिन इसके लिए लालच करने से टीम का नुकसान भी हो सकता है। अय्यर ने 27 गेंदों पर फिफ्टी लगाई थी। इसके बाद और भी ज्यादा अटैकिंग हो गए। उन्होंने अपनी पारी में चौके से ज्यादा छक्के मारे। 5 चौके और 9 छक्कों की मदद से अय्यर 97 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने इस दौरान 42 गेंदों का सामना किया।

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