पटना ,
पटना के मोइनुल स्टेडियम में सालों बाद रणजी ट्रॉफी मैच खेल रहा है. मुंबई और बिहार के बीच एलीट ग्रुप के इस रणजी ट्रॉफी क्रिकेट मैच को देखने के लिए पहले दिन ही स्टेडियम में गजब की रौनक देखने को मिली.हालांकि सोशल मीडिया पर मोइनुल हक स्टेडियम में कई फोटोज और वीडियोज भी वायरल हुए जहां स्टेडियम के खस्ताहाल की आलोचना की. पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद का भी एक वीडियो रीपोस्ट किया, जिसमें वह यहां की व्यवस्था की आलोचना करते हुए नजर आए.
वहीं एक और चीज जो इस मैच के लिए चर्चा में रही है, वह रहा बिहार क्रिकेट एसोसियन के अंदरखाने का विवाद. दरअसल, मुंबई के खिलाफ 5 जनवरी से शुरू हुए इस मैच को खेलने के लिए बिहार की दो टीमें पहुंच गईं थीं.दरअसल, बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने दो-दो टीम लिस्ट जारी कर दी. बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के अध्यक्ष राकेश तिवारी के द्वारा एक टीम जारी की गई, तो दूसरी तरफ बर्खास्त सचिव अमित कुमार के द्वारा दूसरी टीम लिस्ट जारी कर दी गई.
अब बीसीए के अंदर ही यह विवाद होने लगा की दोनों में से कौन सी टीम मुंबई का सामना करेगी. सुबह बीसीए की दोनों टीमें स्टेडियम के बाहर पहुंच गई. हालांकि सचिव गुट की टीम को पुलिस बल ने सख्ती के साथ उन्हे उनकी ही बस मे बैठा कर बाहर भेज दिया. इसके बाद बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी द्वारा जारी किय गए लिस्ट के खिलाड़ियों ने मैच मे हिस्सा लिया.
BCA के OSD पर हुआ हमला
हालांकि, कुछ देर बाद कुछ अज्ञात लोगों ने बीसीए के ओएसडी मनोज कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया. उनके साथ मारपीट जैसी घटना की बात सामने आई. इस दौरान किसी ने पत्थर से उनके सर पर प्रहार कर दिया. जिससे वो जख्मी हो गए. इस घटना के बाद बीसीए के तरफ से कहा गया कि सभी दोषियों की पहचान की जा रही है. उसके बाद उनके ऊपर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि ऐसी घटना फिर से ना हो.
