जयपुर
राजस्थान सरकार और यूके ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में मंगलवार को एक अहम समझौता किया है। यह समझौता राजस्थान के जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान हुआ। दरअसल, एक रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान की 15.2% आबादी प्री-डायबिटीज से जुझ रही है और करीब 5.7% को डायबिटीज है। ऐसे में प्रदेश के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भजनलाल सरकार अब प्रभावी कदम उठाने जा रही है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य डायबिटीज जैसी गैर-संचारी बीमारियों से निपटना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। यूके, राजस्थान के साथ अपना स्वास्थ्य सेवा और डायबिटीज प्रबंधन का अनुभव साझा करेगा। बदले में यूके को भी राजस्थान के अनुभवों से सीखने का मौका मिलेगा। दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य और जीवन विज्ञान के क्षेत्र में और भी गहरे सहयोग की संभावना है।
राजस्थान सरकार और यूके के बीच हुए इस नए समझौते से दोनों पक्षों को फायदा होगा। यूके, राजस्थान सरकार के ‘हेल्थ विजन 2025’ को सहयोग देगा। इस विजन का लक्ष्य डायबिटीज जैसी गैर-संचारी बीमारियों से लड़ना है। साथ ही, बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन और मानकीकृत स्वास्थ्य संकेतकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह साझेदारी दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण कदम है।
राजस्थान की 5.7% आबादी डायबिटीज से प्रभावित, अब सरकार को फोकस
भारत में डायबिटीज एक बड़ी समस्या है। देश में लगभग 7.7 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। ICMR के 2019 के एक अध्ययन के अनुसार, राजस्थान में प्री-डायबिटीज का प्रसार 15.2% है। राज्य की 5.7% आबादी डायबिटीज से प्रभावित है। डायबिटीज से होने वाली जटिलताएं मृत्यु दर में योगदान कर सकती हैं और स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी बोझ डालती हैं। इसलिए, डायबिटीज प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना बहुत जरूरी है। सरकार अब इसपर फोकस करेगी।
ऐसे काम आएगा यूके से हुआ एमओयू
यूके इस साझेदारी में अपनी विशेषज्ञता और अनुभव ला रहा है। इसका उद्देश्य आपसी लाभ है, जिसमें एक-दूसरे से सीखने, भारत और यूके में स्वास्थ्य सेवा में सुधार, और यूके में प्रवासी मरीजों के लिए लाभ शामिल हैं। यूके का नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सिलेंस (NICE) स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता दिशानिर्देश और स्वास्थ्य-तकनीक आकलन विकसित करने में अपनी विशेषज्ञता के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इस एमओयू के तहत यूके राजस्थान सरकार के हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ अपना नॉलेज शेयर करेगा। खासतौर पर डायबिटीज और क्वालिटी हेल्थ पर विशेष कार्यक्रमों का संचालन होगा।
