8.5 C
London
Friday, January 23, 2026
Homeराज्यबिहार के स्कूलों में ऑटो आज से बैन, विरोध में सड़कों पर...

बिहार के स्कूलों में ऑटो आज से बैन, विरोध में सड़कों पर उतरे ड्राइवर, पैरेंट्स भी नाराज

Published on

पटना

बिहार में एक अप्रैल यानी मंगलवार से ऑटो या ई-रिक्शा पर स्कूली बच्चों को लाने और ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के फैसले का अब विरोध शुरू हो गया है। ऑटो चालक यूनियन ने अब इस आदेश का विरोध शुरू कर दिया है। मुंगेर में ऑटो चालक सड़क पर उतरकर इस आदेश को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

प्रतिबंध से भड़के ऑटो ड्राइवर
पटना में भी ऑटो चालक धरने पर बैठने जा रहे हैं। दरअसल, बिहार पुलिस मुख्यालय के यातायात प्रभाग ने राज्यभर के सभी जिलों में स्कूली बच्चों को लाने और ले जाने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा के उपयोग पर एक अप्रैल से पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था। जिसके बाद मंगलवार से ऑटो रिक्शा पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया है।

इसलिए लिया गया फैसला
बताया गया कि क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। मुख्यालय ने कहा है कि सभी जिलों में पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर सख्ती से कार्रवाई करेंगे। इस आदेश का अब विरोध शुरू हो गया है।

मुंगेर में सड़क पर उतरे ऑटो वाले
मुंगेर में सड़कों पर उतरे ऑटो चालकों में शामिल विकास कुमार कहते हैं कि कई बार ऑटो का ईएमआई भी नहीं निकल पाता है। इस कारण स्कूली बच्चों को ले जाते थे, अब जब इस पर प्रतिबंध लग गया तो ईएमआई भी चुकाना मुश्किल हो जाएगा। इधर, विनय कुमार कहते हैं कि पहले ही डीजल वाहनों को हटाकर नई गाड़ी खरीदी थी, अब नए आदेश से मुश्किलें बढ़ गई हैं।

क्या कहना है पैरेंट्स का
राजधानी पटना के कुछ पैरेंट्स का कहना है कि स्कूल की बसों के लिए निजी स्कूल प्रबंधन मनमाना किराया वसूलता है। वहीं कई रूटों के लिए एक ही बस है, जिसके चलते छोटे-छोटे बच्चे तीन-तीन घंटे तक सिर्फ पटना में ही बस का सफर करने पर मजबूर रहते हैं। क्योंकि रूट के हिसाब से चलने पर कुछ बच्चे जल्दी घर पहुंच जाते हैं और कुछ देर से। ऐसे में उनके लिए ऑटो या ईरिक्शा ही एकमात्र सहारा रहता है।

ऑटो यूनियन पटना में देगा धरना
इस बीच, पटना में ऑटो यूनियनों द्वारा इस आदेश के विरोध में बुधवार को गर्दनीबाग में धरना देने का निर्णय लिया गया है। एक अनुमान के मुताबिक, राजधानी पटना में करीब पांच हजार ऑटो और ई-रिक्शा स्कूली सेवा में लगे हैं। यूनियन का कहना है कि ऐसा करने से चालकों के रोजगार पर खतरा होगा। हम लोग निश्चित तौर पर सरकार के फैसले के विरोध में आंदोलन करेंगे।

Latest articles

बीएचईएल झांसी में राजभाषा एवं गुणवत्ता वृत्त पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

भेल झांसी।सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल), झांसी के जयंती...

बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने 61वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित किया

भेल हरिद्वार।भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  के. सदाशिव मूर्ति...

More like this

प्रदेश कर्मचारियों-पेंशनरों को 35 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा

भोपाल।राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर प्रदेश सरकार अपने 10 लाख से अधिक अधिकारियों,...

आयकर विभाग का गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर के ठिकानों पर छापा

इंदौर।इंदौर स्थित बीओआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर्स के आवासों...

परीक्षाएं होंगी पारदर्शिता 1 लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर  ।मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से वादा...