लखनऊ
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आजम खान को 48 घंटे की मोहलत दी। इसके साथ ही आजम खान को सजा की सुनवाई के लिए जिले एमपी एमएलए कोर्ट जाने की सलाह दी। अब रामपुर विधानसभा के चुनाव का नोटिफिकेशन 11 को जारी होगा। यह अभी कल यानी 10 नवंबर को होना था। डीवाई चंद्रचूड़ की कोर्ट ने दिया फ़ैसला। अगर जिले की एमपी एमएलए कोर्ट ने सजा को स्थगित कर दिया तो चुनाव रुक भी सकता है।
रामपुर से सपा विधायक रहे आजम खान की सदस्यता जा चुकी है। भड़काऊ भाषण मामले में रामपुर की एक अदालत ने उन्हें तीन साल जेल की सजा सुनाई है। अपनी सदस्यता जाने को लेकर आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी जिस पर कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा था। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की खंडपीठ ने यूपी सरकार से कहा कि आखिर आजम खान को अयोग्य ठहराने की क्या जल्दी थी? आपको कम से कम उन्हें कुछ मोहलत देनी चाहिए थी।
यह था पूरा मामला
आजम खान को 27 अक्टूबर को भड़काऊ भाषण मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद रामपुर अदालत ने उन्हें तीन साल जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद 28 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने खान को सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराने का ऐलान किया था। उप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव ने कहा था कि विधानसभा सचिवालय ने रामपुर सदर सीट को रिक्त घोषित कर दिया है।
आजम की ओर से चिदंबरम की दलील
आजम खान की ओर से उनके वकील पी चिदंबरम ने कहा कि मुजफ्फरनगर जिले की खतौली विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक विक्रम सैनी को भी 11 अक्टूबर को दोषी ठहराया गया था और दो साल की सजा दी गई थी, लेकिन उनकी अयोग्यता को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया। चिदंबरम ने कहा कि आजम खान के मामले में जल्दबाजी दिखाते हुए रामपुर सदर सीट पर उपचुनाव के ऐलान पर चुनाव आयोग 10 नवंबर को गजट अधिसूचना जारी करने जा रहा है।
आजम खान कोर्ट क्यों नहीं गए…
आजम के वकील चिदंबरम ने आगे कहा कि सत्र न्यायालय के न्यायाधीश कुछ दिनों के लिए अवकाश पर हैं और इलाहाबाद हाई कोर्ट बंद है, इसलिए आजम खान खुद को दोषी ठहराये जाने और सजा के खिलाफ वहां नहीं जा सके। इस दलील को सुनने के बाद पीठ ने उत्तर प्रदेश की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद से पूछा कि खतौली विधानसभा सीट के मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
