औरंगाबाद
बिहार के औरंगाबाद जिले की कद्दावर बीजेपी महिला नेता और लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव लड़ चुकी बारूण की पूर्व प्रमुख अर्चना चंद्र ने बीजेपी को छोड़ दिया है। अर्चना चंद्र ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन छोड़कर जन सुराज को ज्वाइन किया है। अर्चना पटना मरीन ड्राइव पर बने बिहार सत्याग्रह आश्रम में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के समक्ष समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल हुई।
बीजेपी की महिला नेता
ध्यान रहे कि अर्चना चंद्र एक प्रखर महिला नेत्री और वक्ता हैं। वर्ष 2013 में भारत सरकार से बेस्ट प्रखंड प्रमुख के लिए 25 लाख का पुरस्कार दिया गया था। अर्चना ने वर्ष 2009 में औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें 55000 वोट मिले थे। वहीं वर्ष 2010 में उन्हें बसपा ने नबीनगर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था जिसमें उन्हें 11878 वोट मिले थे। अर्चना चंद्र वर्ष 2006 से 2016 तक बारुण की प्रखंड प्रमुख रही हैं।
इलाके में पकड़
अर्चना चंद्र के पति रंजन सिंह भी वर्ष 2001 से 2006 तक बारुण के प्रखंड प्रमुख रह चुके हैं। वहीं इनके ससुर रामनंदन सिंह भी बारुण के कई वर्षों तक प्रखंड प्रमुख रहे। राजनीति की गहरी समझ रखने वाली अर्चना चंद्र के जन सुराज में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिली है। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अर्चना चंद्र अपने प्रदर्शन से जन सुराज पार्टी एक नई ऊंचाई प्रदान करेंगी। माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें नबीनगर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार सकती है।
बीजेपी को झटका
अब यह माना जा रहा है कि राजनीति की गहरी समझ रखने वाली अर्चना चंद्र के जन सुराज में शामिल होने से पार्टी को एक मजबूती मिली है। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अर्चना चंद्र अपने प्रदर्शन से जन सुराज पार्टी को एक नई ऊंचाई प्रदान करेंगी और पार्टी नबीनगर विधानसभा क्षेत्र से इनके नाम पर मुहर लगा सकती है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अर्चना चंद्र को पार्टी में शामिल होने पर उन्हें बधाई देते हुए औरंगाबाद समेत प्रदेश की जनसमस्या पर काम करने को कहा।
