3 C
London
Sunday, March 22, 2026
Homeराज्यवक्फ बिल का विरोध कर क्या उद्धव ठाकरे ने मार लिए कुल्हाड़ी...

वक्फ बिल का विरोध कर क्या उद्धव ठाकरे ने मार लिए कुल्हाड़ी पर पांव, बीजेपी को हथियार तो थमा ही दिया

Published on

मुबई:

वक्फ संशोधन बिल बुधवार को लोकसभा में पास होने के साथ महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया। इसके विरोध में 232 सांसदों ने वोटिंग की, जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 9 सांसदों का वोट शामिल है। राज्यसभा के दो सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और संजय राउत भी बिल के विरोध में ही रहेंगे। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और नागरिकता संशोधन अधिनियम को समर्थन देने वाले उद्धव ठाकरे ने इस बार अपना हाथ खींच लिया। एक्सपर्ट मानते हैं कि वक्फ संशोधन बिल के विरोध में वोट देकर महाराष्ट्र चुनाव से पहले कुल्हाड़ी पर पांव मार लिए और बीजेपी-शिंदे सेना को हमले के लिए हथियार थमा दिया। इस पूरे प्रकरण में उद्धव ठाकरे के लिए राहत की खबर भी है। अंदेशे के विपरीत, लोकसभा में सभी यूबीटी सांसद एकजुट रहे। किसी ने बगावत नहीं की।

मुसलमानों को लेकर बाल ठाकरे ने क्या कहा था?
5 मई 2002 को बाल ठाकरे का एक बयान सुर्खियों में रहा था। उन्होंने एक भाषण में कहा था कि सेक्युलरिस्ट ढोंगी लोग हैं। कथित सेक्युलर पार्टियां मुसलमानों से नहीं बल्कि उनके पीछे के वोट बैंक से प्यार करती हैं। अगर मुसलमानों का वोटिंग का हक छीन लिया जाए, तो पता चलेगा कि उनसे कौन प्यार करता है।

बाल ठाकरे हमेशा यह कहते रहे कि उनके हिंदुत्व के विचार और भूमिका में कोई बदलाव नहीं हुआ। मुसलमानों को पाकिस्तान मिल गया। हिंदुस्तान हिंदुओं का है, फिर भी हुकूमत मुसलमानों की चलती है। यह जो है, वह है। एक नागरिक के हैसियत से हम मानते हैं कि भारत में मुसलमानों को रहने का हक है। मगर यहां रहेंगे और प्यार पाकिस्तान से करेंगे, ऐसा नहीं चलेगा। इसके अलावा कई मौकों पर उन्होंने हिंदुत्व के समर्थन में कड़े बयान दिए, जिसके आधार पर बीजेपी-शिवसेना की दोस्ती लंबी चली।

ठाकरे वाले हिंदुत्व की छवि हासिल करने से चूके उद्धव
1992 में बाल ठाकरे ने खुले तौर पर ऐलान किया कि बाबरी विध्वंस में शिवसैनिक भी शामिल रहे। करीब चार दशक तक शिवसेना पूरी तरह से बाल ठाकरे के हिंदुत्व के फॉर्मूले पर चलती रही। शिवसैनिक भी ठाकरे के बयानों को भाषण में दोहराते रहे। इस कारण पार्टी की कट्टर हिंदुत्व की छवि बनी। इसके साथ ही शिवसेना मराठी अस्मिता के मुद्दे को भी हिंदुत्व के समानांतर आगे बढ़ाया। बीजेपी के साथ राम मंदिर, समान नागरिक संहिता, धारा 370 और कॉमन सिविल कोड पर भी विचार मिलते-जुलते रहे। मराठी मानुस और हिंदुत्व के कारण ही शिवसेना को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) पर तीन दशकों तक जीत मिलती रही। राजनीतिक तौर पर वक्फ संशोधन विधेयक भी ऐसा ही मौका था, जहां उद्धव ठाकरे फिर से अपनी पुरानी छवि को हासिल करने से चूक गए।

बिल का विरोध कर बीजेपी और शिंदे को थमाया हथियार
शिवसेना में बगावत करने के बाद एकनाथ शिंदे हमेशा से ही आरोप लगाते रहे कि उद्धव ठाकरे ने शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के हिंदुत्व और उनके विचारों पर यू-टर्न ले लिया है। हिंदुत्व के दम पर ही शिंदे खुद को बाल ठाकरे का उत्तराधिकारी बताते रहे। वक्फ बिल पर बहस शुरू होने से पहले महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर हमला किया।

फडणवीस ने चुनौती देने के अंदाज में लिखा कि संसद में वक्फ संशोधन बिल! देखते हैं कि क्या उद्धव हिंदू हृदय सम्राट और आदरणीय शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की सेना के विचारों को कायम रखेंगे या फिर राहुल गांधी के पदचिन्हों पर चलते हुए उनकी खुशामद करते रहेंगे? जैसी उम्मीद थी कि बीजेपी विरोध में उतरी उद्धव सेना ने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ वोट डाले और बीजेपी को राजनीतिक हमले के लिए हथियार थमा दिया।

संसद में गोलमोल भाषण, हिंदुत्व के करीब दिखने की कोशिश
रीलबाजी के दौर में संसद में उद्धव सेना की ओर से सांसद अरविंद सावंत ने गोलमोल भाषण किया। उनके इस भाषण पर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजीजू ने पूछा कि आपने बिल के समर्थन या विरोध पर अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया। चर्चा के दौरान सावंत वक्फ बिल से ज्यादा हिंदू मंदिरों पर बोलते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड में दो गैर मुसलमानों को एंट्री देकर बीजेपी ने मंदिर प्रबंधन में गैर हिंदुओं की एंट्री का रास्ता साफ कर दिया है।

रणनीति के तहत वक्फ बिल पर खुद उद्धव ठाकरे या आदित्य ठाकरे ने बयानबाजी नहीं की है। माना जा रहा है कि महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक दल होने के कारण उद्धव दो नावों की सवारी कर रहे हैं। वक्फ बिल का विरोध कर उन्होंने मुस्लिम वोटरों का भरोसा हासिल किया है, जिन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में शिवसेना को वोट दिया। मगर बीएमसी चुनाव में बीजेपी इसे जरूर मुद्दा बनाएगी। बीजेपी का दांव सही बैठा तो निकाय चुनाव में उद्धव सेना को धक्का लग सकता है।

Latest articles

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

भोपाल सहित प्रदेशभर में मनाई गई ईद-उल-फितर, मस्जिदों में अदा हुई नमाज

भोपाल: पवित्र महीने Ramadan के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को Eid al-Fitr...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का पूजन, हनुमान चालीसा एवं श्री गुरु गीता का सामूहिक पाठ आयोजित

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम...

More like this

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

टीकाकरण महिलाओं और किशोरियों के सुरक्षित भविष्य और स्वास्थ्य की दिशा में बीएचईएल द्वारा क्रांतिकारी कदम — ईडी

हरिद्वार भेल  हरिद्वार के मुख्य चिकित्सालय में महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...