जयपुर/धौलपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘राम जल सेतु लिंक परियोजना’ (ERCP) के अंतर्गत निर्माणाधीन चंबल एक्वाडक्ट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूरे किए जाएं।
17 जिलों और 40% आबादी को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना पूर्वी राजस्थान के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। इस लिंक परियोजना के माध्यम से प्रदेश के 17 जिलों को पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। इससे राजस्थान की लगभग 40 प्रतिशत आबादी सीधे तौर पर लाभांवित होगी, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
निरीक्षण के दौरान श्री शर्मा ने इंजीनियरिंग टीम और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के हर चरण की बारीकी से निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के विकास की प्राथमिकता है, इसलिए तकनीकी मानकों और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि आमजन को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
विकास की नई दिशा
चंबल एक्वाडक्ट का निर्माण इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सा है, जो जल परिवहन को सुगम बनाएगा। मुख्यमंत्री के इस दौरे से परियोजना के कार्यों में और गति आने की उम्मीद है, जिससे पूर्वी राजस्थान के सूखे क्षेत्रों में जल संकट के स्थायी समाधान की राह प्रशस्त होगी।
