अमरावती:
महायुति सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार आखिरकार रविवार को पूरा हो गया। नागपुर के राजभवन में 39 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। बीजेपी से 19, शिवसेना से 11 और एनसीपी से 11 ने मंत्री पद की शपथ ली। खास बात यह है कि महायुति के मंत्रिमंडल में छोटे दलों को जगह नहीं दी गई है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, जनसुराज पार्टी, राष्ट्रीय युवा स्वाभिमान पार्टी एक-एक मंत्री पद की उम्मीद कर रही थीं। लेकिन इनमें से किसी भी दल को कैबिनेट में जगह नहीं मिली। स्वाभिमान पार्टी के संस्थापक और विधायक रवि राणा मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन आखिर तक उन्हें मंत्री पद की शपथ लेने के लिए बीजेपी की ओर से फोन नहीं आया।
नवनीत राणा ने वीडियो में क्या कहा?
रवि राणा की पत्नी और बीजेपी नेता नवनीत राणा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वह एक शेर कहती नजर आ रही हैं। शायरी में नवनीत राणा कहती नजर आ रही हैं कि ‘जिंदगी है.. समुंदर को क्या गम है, वो बता भी नहीं सकता और पानी बनकर आंखों में आ भी नहीं सकता.. जिंदगी है और लड़ाई जारी है।’ कविता के शब्दों पर गौर करें तो नाराजगी का स्वर साफ हैं।
लगातार 4 चुनाव जीते हैं रवि राणा
दरअसल रवि राणा 2009 से लगातार अमरावती के बडनेरा से निर्वाचित होते आ रहे हैं। उन्होंने लगातार 4 चुनाव जीते हैं। 2009, 2014, 2019 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। तो 2024 में उन्होंने युवा स्वाभिमान से लड़ाई जीत ली। इस साल उन्हें बीजेपी के कोटे से मंत्री पद की उम्मीद थी। लेकिन यह अधूरा रह गया।
राणा दंपती को नहीं मिली मुराद
2019 में राज्य में महा विकास अघाड़ी सत्ता में आई। उस समय बीजेपी विपक्ष में अकेली थी। सत्ता में तीन पार्टियाँ थीं। उस वक्त सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा ने हनुमान चालीसा के जाप के मुद्दे पर सीधे तौर पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा था। इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा। राणा दंपती ने सत्ता को चुनौती देने का प्रदर्शन किया। उम्मीद थी कि बदले में उन्हें मंत्री पद मिलेगा। लेकिन यह उम्मीद हकीकत में नहीं बदल सकी है।
