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झुंझुनूं में CRPF जवान के अंतिम संस्कार में विवाद, गांव वालों ने सम्मान न मिलने पर रोकी अंत्येष्टि क्रिया

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झुंझुनूं:

मणिपुर में अपने साथियों पर फायरिंग के बाद खुद को गोली मारने वाले सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल संजय कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। झुंझुनूं जिले के पिलानी तहसील स्थित बिगोदना ग्राम पंचायत के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन इसी दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने फोर्स द्वारा सम्मान न दिए जाने और घटना की पूरी जानकारी न मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अंतिम संस्कार को रोकते हुए लिखित आश्वासन की मांग की कि मृतक जवान के परिवार को सेवा से जुड़े सभी लाभ दिए जाएंगे।

जवान के बेटे का दर्द – ‘पिता ने कहा था, सीआरपीएफ की नौकरी मत करना’
संस्कार के दौरान जवान के बेटे ने रोते हुए कहा, ‘पिता ने फोन पर कहा था, तुम खूब पढ़ाई करो। सीआरपीएफ की नौकरी मत करना, यह बहुत कठिन होती है।’ इस भावुक अपील के बाद गांववालों का आक्रोश और बढ़ गया और उन्होंने अंतिम संस्कार रोक दिया।इससे पहले सुबह सीआरपीएफ की गाड़ी से जवान का पार्थिव शरीर बिगोदना स्थित घर लाया गया, जहां परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों और सीआरपीएफ के जवानों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सीआरपीएफ अधिकारियों और ग्रामीणों ने पुष्पचक्र अर्पित किए।

सीआरपीएफ अधिकारियों से वार्ता के बाद भी परिजन नहीं माने
मृत जवान के शव को दिल्ली से लेकर आए सीआरपीएफ इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह भास्कर और मणिपुर से साथ आए कांस्टेबल सोनू राव ने गांव वालों से बातचीत की।ग्रामवासियों की मांग पर कंपनी के सेकंड कमांडेंट ऑफिसर आशीष मिश्रा से बात करवाई गई। मिश्रा ने बताया कि घटनाक्रम की जांच जारी है और फोर्स का पहला उद्देश्य था कि शव को सम्मानपूर्वक परिजनों तक पहुंचाया जाए। हालांकि, गांववाले अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने बीडीसी सदस्य राजकुमार फौजी, सज्जन डिंगली और विनोद जसरापुर के नेतृत्व में सीआरपीएफ और प्रशासनिक अधिकारियों से स्पष्ट आश्वासन मांगा।

पिलानी विधायक और थानाधिकारी की समझाइश के बाद हुआ अंतिम संस्कार
स्थिति बिगड़ती देख पिलानी विधायक पितराम सिंह काला भी बिगोदना मुक्तिधाम पहुंचे। उन्होंने थानाधिकारी रणजीत सिंह के साथ सीआरपीएफ के उच्चाधिकारियों से बातचीत की।दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मृतक जवान के वेतन और सेवा से जुड़े सभी लाभ परिजनों को नियमों के अनुसार दिए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद ग्रामवासी अंत्येष्टि के लिए तैयार हुए। बाद में मृतक जवान संजय कुमार के बेटे ने मुखाग्नि दी और अन्य अंतिम क्रियाएं संपन्न करवाई गईं।

मणिपुर में गुरुवार रात की थी फायरिंग, फिर खुद को मारी गोली
गौरतलब है कि 13 फरवरी की रात मणिपुर के इम्फाल वेस्ट जिले के लामफेल स्थित सीआरपीएफ कैंप में जवान संजय कुमार ने अपनी सर्विस राइफल से अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी थी।इस गोलीबारी में सब-इंस्पेक्टर तिलकराज और कॉन्स्टेबल राजीव रंजन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 अन्य जवान घायल हो गए। इसके बाद संजय कुमार ने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से ही इस पूरे मामले की जांच जारी है, लेकिन मृतक जवान के परिवार और गांववालों की नाराजगी अभी भी बनी हुई है।

 

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