12.5 C
London
Tuesday, May 5, 2026
Homeराज्यपंजाब के जहरीली शराब कांड में चार और लोगों की मौत, मरने...

पंजाब के जहरीली शराब कांड में चार और लोगों की मौत, मरने वालों की संख्या 27 हुई, सरकार ने पीड़ित परिवारों को दी मदद

Published on

चंडीगढ़/अमृतसर

पंजाब के अमृतसर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों में चार और लोगों की जान चली गई। इस हादसे में अब तक कुल 27 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने मरने वालों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। पुलिस ने इस मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि जहरीली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला रसायन मेथनॉल ऑनलाइन खरीदा गया था।

मरने वालों के परिवारों को चेक बांटे
अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में से तीन भंगवान गांव के थे और एक गालोवाली कुल्लियां गांव का था। कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने मजीठा क्षेत्र के गांवों में मरने वालों के परिवारों को चेक बांटे। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अस्पताल में भर्ती लोगों का मुफ्त इलाज करा रही है। साथ ही उन्हें दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी।

हादसे के शिकार ज्यादातर लोग दिहाड़ी मजदूर
मंत्री ने आगे कहा कि किसी भी धनराशि से परिवार के कमाने वाले सदस्य की क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती। लेकिन जीवित बचे सदस्यों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास करना सरकार की जिम्मेदारी है। इस हादसे के शिकार ज्यादातर लोग दिहाड़ी मजदूर थे। ये लोग रोज कमाकर खाने वाले थे। मरने वालों में भंगाली, पातालपुरी, मरारी कलां, तलवंडी खुम्मान, करनाला, भंगवान और थेरेवाल गांवों के लोग शामिल हैं।

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की जांच में पता चला है कि जहरीला शराब बनाने के लिए औद्योगिक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला रसायन मेथनॉल ऑनलाइन थोक में खरीदा गया था। मेथनॉल एक तरह का अल्कोहल होता है, जो शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है। इस हादसे में मरने वालों की उम्र 26 से 80 साल के बीच थी। इनमें से कई अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे। उनके जाने से परिवारों पर बहुत बड़ा संकट आ गया है।

पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने मजीठा थाने और अमृतसर ग्रामीण के कथुनांगल थाने में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। ये मामले भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 103 (हत्या) के तहत दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही आबकारी अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।

Latest articles

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...

वैष्णव छीपा समाज भोपाल का प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न

भोपाल। वैष्णव छीपा समाज भोपाल का नौवां प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन गुफा मन्दिर...

भोपाल में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, भूमाफियाओं द्वारा प्लॉटिंग और निर्माण जारी

भोपाल। राजधानी भोपाल के ग्राम हताईखेड़ा में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण...

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...