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शुरू हुआ तबादलों में ‘धोखाधड़ी का खेल’, UP में बेसिक टीचरों के म्‍यूचुअल ट्रांसफर में अवैध वसूली की शिकायतें

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लखनऊ

ये दो मामले तो ऐसे हैं, जो सामने आ गए। इनमें एक शिक्षक ने दूसरे की शिकायत की है और मामलों की जांच की जा रही है। खुद शिक्षकों का ही कहना है कि ऐसी शिकायतें बहुत हैं लेकिन सभी खुलकर सामने नहीं आना चाहते। कहीं पर रुपये के लेनदेन की शिकायत आ रही है तो कहीं पर आपस में दबाव बनाने की शिकायतें हैं। ये दो मामले तो ऐसे हैं, जहां खुद BSA को जांच के आदेश करने पड़े और धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस तक पहुंची है।

केस-1
रामपुर के स्वार में एक प्राइमरी टीचर ने शिकायत की कि सहारनपुर के एक शिक्षक से ऑनलाइन म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए उन्होंने ओटीपी मांगा। शिक्षक ने 12.20 लाख रुपये मांगे और ओटीपी शेयर नहीं किया। इस शिकायत पर सहारनपुर की बीएसए कुमारी कोमल ने सढ़ोली कदीम और नकुड़ ब्लॉक के दो बीईओ को जांच के आदेश दिए हैं।

केस-2
मुजफ्फरनगर के एक शिक्षक ने वहां के एसएसपी को पत्र लिखकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई कि 26 मई को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। बीएसए ऑफिस का कर्मचारी बताकर उनसे ओटीपी मांगा। कहा कि उनकी सर्विस बुक में कुछ खामी है, वह ठीक करनी है। ओटीपी बताने के बाद उनको धोखाधड़ी का अंदेशा हुआ। छानबीन करने पर पता चला कि वह कॉल सहारनपुर के एक अपर प्राइमरी स्कूल के शिक्षक की थी। उस शिक्षक ने ओटीपी लेकर फर्जी तरीके से म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए उनके साथ जोड़ा बना लिया।

बेसिक शिक्षकों के म्यूचुअल तबादलों की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। जो प्रक्रिया है, उसके अनुसार शिक्षकों से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट खोली गई। शिक्षकों ने तय समय में रजिस्ट्रेशन किए। सभी आवेदनों सत्यापन खंड शिक्षाधिकारियों ने किया। उसके बाद हर जिले के आवेदकों की पूरी लिस्ट BSA ऑफिस को भेज दी और फिर वेबसाइट पर अपलोड की गई।

लिस्ट अपलोड होने के बाद शिक्षक यह देख सकेंगे कि दूसरे जिले से कौन शिक्षक उनके जिले में आना चाहता है। आपस में बात करके या लिस्ट देखकर वे अपने पसंदीदा तीन जिलों में पेयर बना सकते है, जिसके साथ पेयर बनाया उसके मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा। उससे पेयर बनाने वाला शिक्षक ओटीपी मांगेगा। वह ओटीपी दे देता है तो फिर वह पेयर बना लेगा।

‘प्रक्रिया में भी हो सुधार’
इस तरह की शिकायतें अब शिक्षकों के बीच और विभाग में भी चर्चा का विषय बनी हैं। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक असोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह कहते हैं कि कुछ शिक्षक ऐसा करते हैं लेकिन इससे दूसरे शिक्षक का ही नुकसान होता है। मामले की ठीक से जांच होनी चाहिए और जो दोषी हो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही प्रक्रिया में भी कुछ ऐसे सुधार किए जाने चाहिए, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका न हो। सहारनपुर की BSA कुमारी कामल कहती हैं कि मामले की शिकायत आने के बाद वह जांच करवा रही हैं। दोनों में से कौन शिक्षक गलत है, यह जांच के बाद ही पता चलेगा।

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