नई दिल्ली,
देश में दिवाली की धूम है. इस बीच राजस्थान सरकार ने राज्य सरकार में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले एक लाख से ज्यादा कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. अशोक गहलोत सरकार ने इन कर्मचारियों को नियमित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है. मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके इस फैसले की जानकारी साझा की. ?
मुख्यमंत्री अशोह गहलोत का ट्वीट
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, ‘हमने कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने के लिए दरवाजे खोलने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. इस निर्णय से लगभग 1,10,000 कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी. मैं उन सभी को बधाई देता हूं जो इस निर्णय से लाभान्वित होने जा रहे हैं और मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं’
विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
रिपोर्ट के मुताबिक दिवाली से ऐन पहले गहलोत सरकार ने कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल-2022 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके जरिए राज्य में कार्यरत 1 लाख 10 हजार से अधिक कॉन्ट्रेक्ट कर्मचारियों को नियमों के दायरे में लाकर नियमित किया जाना है. इससे शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों में काम कर रहे कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी लाभांवित होंगे.
भर्ती प्रक्रिया में आएगी पारदर्शिता
सरकार की ओर से बताया गया कि राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स-2022 लागू होने से कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, आरक्षण नियमों का पूरी तरह से पालन होगा और कॉन्ट्रैक्ट कर्मी के 5 साल तक काम करने के बाद उन पदों के नियमित होने पर उन्हीं संविदा कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा.
ओल्ड पेंशन स्कीन का मिलेगा लाभ
राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स-2022 लागू होने के बाद नियमित होने वाले कॉन्ट्रक्चुअल कर्मचारियों के स्पेशल-पे प्रोटेक्शन का भी ध्यान रखा गया है. नियमित होने पर इन कर्मियों को पुरानी पेंशन स्कीम का भी लाभ दिया जाएगा. गहलोत सरकार ने अपने बजट में इन कर्मचारियों के लिए विभागों के हिसाब से कैडर बनाने की घोषणा की थी. वर्ष 2022-2023 के बजट में इनके मानदेय में 20 फीसदी बढ़ोतरी का भी ऐलान किया गया था.
