मुंबई:
महाराष्ट्र सरकार की ओर से महिलाओं के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहना योजना पूरे राज्य में सुपरहिट हो गई है। विधानसभा चुनाव के दौरान यह योजना गेम चेंजर बन गई और सरकार को बड़ी सफलता मिली। राज्य सरकार ने अब तक प्रदेश की 21 से 65 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत 7 किस्तें वितरित की जा चुकी हैं। इस दौरान पात्र महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने दिए गए। अब जब सभी लाडली बहनें इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि फरवरी की 8वीं किस्त कब रिलीज होगी?
लाडली बहना योजना में फरवरी महीने की 8वीं किस्त कब आएगी?
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में अब तक कुल सात किस्तें जमा की जा चुकी हैं। अब महिला लाभार्थियों को फरवरी की आठवीं किस्त का इंतजार है। चूंकि आवेदन का सत्यापन किया जाएगा, इसलिए उनके मन में यह डर है कि आठवें महीने में पैसा आएगा या नहीं। दरअसल जिन महिलाओं ने नियमों से हटकर इस योजना का लाभ उठाया है, उन्हें इस योजना से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। लाडली बहना योजना की फरवरी महीने की आठवीं किस्त 24 फरवरी से सभी पात्र लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में जमा होनी शुरू हो जाएगी। बताया गया है कि वित्त मंत्री अजीत पवार ने इसके लिए संबंधित विभाग को पैसा ट्रांसफर कर दिया है।
लाडली बहना योजना पर सरकार की सख्ती
महाराष्ट्र सरकार ने अब मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना के लिए कुछ मापदंड लागू किए हैं। सरकार अब इसके लिए कुछ सख्त कदम उठाने जा रही है। इसलिए ये नए मापदंड लागू किए जाएंगे ताकि सभी पात्र और जरूरतमंद महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें। लाडली बहना योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को अब हर साल जून में बैंक जाकर ई-केवाईसी कराकर प्रमाण पत्र लेना होगा। इसके लिए 1 जून से 1 जुलाई के बीच ई-केवाईसी कराना होगा।
कौन सी महिलाएं 8वीं किस्त से होंगी वंचित?
लाडली बहना योजना के तहत जिन महिलाओं ने अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ लिया है और जिनकी आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें इस योजना से बाहर रखा जाएगा और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। इस योजना की लगभग 16.5 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में सीधे पैसा भेजे जाने के बाद उनके आवेदनों में दिए गए नामों और जिन बैंक खातों में पैसा जमा किया गया, उनके नामों में विसंगति पाई गई। ऐसे लाभार्थियों के आवेदनों की जिला स्तर पर पुनः जांच की जाएगी और अपात्र पाए जाने पर उन्हें लाडकी बहिनी योजना के लिए अपात्र घोषित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
