लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव योगी सरकार पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। मंगलवार को यूपी विधानसभा का बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। विधानसभा सत्र में क्षेत्रीय भाषाओं के साथ ही अंग्रेजी को शामिल करने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी ने अंग्रेजी की जगह उर्दू को शामिल करने की मांग की है। इसके साथ ही सपा विधायकों ने अन्य मुद्दों को लेकर भी विधानसभा में हंगामा किया है। सपा मुखिया एवं सांसद अखिलेश यादव ने भी जोरदार हमला बोला है।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि दूसरों पर भाषागत प्रहार करके समाज में भेद उत्पन्न करने वालों में अगर क्षमता हो तो यूपी में ऐसे वर्ल्ड क्लास स्कूल विकसित करके दिखाएं कि लोग बच्चों को पढ़ने के लिए बाहर न भेजें, लेकिन इसके लिए विश्व दृष्टिकोण विकसित करना होगा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि जो आज तक आसपास के एक-दो देश ही गए हों, उनका नजरिया कैसे इतना बड़ा हो सकता है कि वो इतना बड़ा काम कर पाएंगे। अखिलेश यादव का निशाना यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर रहा है।
राज्यपाल का अभिभाषण निराशाजनक- सपा अध्यक्ष
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने जारी एक बयान में राज्य विधान मंडल में राज्यपाल के अभिभाषण को सच्चाई से कोसों दूर बताया है। सपा मुखिया ने कहा कि यह नीरस और निराशाजनक है। इसमें जनसामान्य की आशा-आकांक्षाओं की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुंभ में आने वालों की करोड़ों की संख्या तो बता दी है, लेकिन अब तक मृतकों की संख्या पता नहीं क्यों बता नहीं पाई है। इस अभिभाषण में किसानों, नौजवानों के लिए कुछ भी नहीं है। पढ़े-लिखे नौजवान नौकरी के लिए भटक रहे हैं। निवेश के नाम पर सिर्फ आंकड़ेबाजी है। नए उद्योग लग नहीं रहे हैं, पुराने उद्योग बंद होते जा रहे हैं।
यूपी से व्यापारी उद्यमी पलायन कर रहे- अखिलेश यादव
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि व्यापारी और उद्यमी पलायन कर रहे हैं। गन्ना का मूल्य तो बढ़ाया नहीं गया। किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भी छुपाया जा रहा है। किसानों की फसल को एमएसपी दरों में खरीद पर चुप्पी साध ली गई है। बिजली महंगी है। बीजेपी की डबल इंजन सरकार की बेईमानी, झूठ और लूट की राजनीति ने प्रदेश को बहुत पीछे कर दिया है। यहां हर आदमी परेशान है। अखिलेश ने कहा कि राज्यपाल महोदय ने बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार पर एक शब्द नहीं कहा। सरकार ने कई योजनाओं में प्रथम स्थान पाने पर अपनी पीठ तो थपथपा ली है, लेकिन यह नहीं बताया कि महिलाओं के प्रति अपराध के मामलों में भी वह प्रथम स्थान पर है।
