13.7 C
London
Monday, June 15, 2026
Homeराज्यजिस कंपनी को लेकर अपने ही डिप्टी सीएम से भिड़े नीतीश, जानें...

जिस कंपनी को लेकर अपने ही डिप्टी सीएम से भिड़े नीतीश, जानें कैसी है उस एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन की कुंडली

Published on

नई दिल्ली,

बिहार में पुल और विवाद साथ-साथ चलते हैं! बिहार को लेकर अक्सर किसी पुल की चर्चा तब होती है वो गिर जाए. राज्य में पुल का गिरना या फिर बह जाना कोई नई बात नहीं है. लेकिन जब एक ही कंपनी का पुल महज कुछ महीनों के अंतराल में दो बार ध्वस्त हो जाए, तो सवाल उठना लाजमी है. एसपी सिंगला— यह वही कंपनी है, जो बिहार में पुल गिरने की सुर्खियों में रही है. अब इस कंपनी पर बिहार सरकार ने बैन लगा दिया है.

सबसे खास बात यह है कि बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने अपने पद छोड़ने से ठीक पहले इस कंपनी को डिबार कर दिया. यानी अब यह कंपनी राज्य में कोई नया टेंडर नहीं ले सकेगी, जब तक कि उसका अधूरा काम पूरा नहीं हो जाता.

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का फैसला
विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि भागलपुर के अगुवानी घाट पुल हादसे की पूरी जिम्मेदारी एसपी सिंगला कंपनी की है. उन्होंने कहा, अगुवानी घाट पुल के गिरने के मामले में कंपनी दोषी पाई गई है, इसलिए इसे डिबार करने का आदेश दिया गया है. साथ ही, संबंधित इंजीनियरों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.’

इसके अलावा गंगा पुल के निर्माण के लिए एक नई एजेंसी का चयन किया जाएगा और इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी. सिन्हा ने कहा, ‘जब तक एसपी सिंगला अगुवानी घाट पुल का निर्माण पूरा नहीं करती, तब तक वह किसी और प्रोजेक्ट के लिए टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकती.’

सरकार का एक्शन और चुनावी टाइमिंग
यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है जब बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. विपक्ष एक्शन न लेने के मुद्दे को सरकार के खिलाफ भुना सकती थी. लेकिन सरकार ने एक झटके में एसपी सिंगला पर बैन लगाकर संदेश दे दिया है. हालांकि, इस फैसले की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने इसे ठीक उसी वक्त लिया जब उनका विभाग बदला गया. बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिन्हा से पथ निर्माण विभाग लेकर नितिन नवीन को सौंप दिया और उन्हें कृषि एवं खनन विभाग की जिम्मेदारी दे दी.

दो बार गिरा एक ही पुल
जून 2023 में बिहार के भागलपुर में एक निर्माणाधीन पुल भरभराकर गिर गया था और महज चंद सेकेंड में गंगा नदी में समां गया था. इस ब्रिज को एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन (SP Singla Constructions) कंपनी बना रही थी. ब्रिज के गिरने से महागठबंधन सरकार सवालों के घेरे में आ गई थी. तब सीएम नीतीश कुमार ने SP Singla Constructions कंपनी पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि ये एक साल पहले भी गिर गया था. मतलब एक ही पुल बनते-बनते ही दो बार गिर गया. तब मुख्यमंत्री ने कहा था कि इसे ठीक से नहीं बनाया जा रहा था इसलिए यह बार बार गिर जा रहा है.

बिहार के भागलपुर में रविवार को निर्माणाधीन पुल भरभराकर गिर गया और चंद सेकेंड में गंगा नदी में समां गया. इस ब्रिज को एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन (SP Singla Constructions) कंपनी बना रही थी. ये कंपनी राज्य में कई अन्य प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है. ब्रिज के गिरने से तब महागठबंधन सरकार सवालों के घेरे में आ गई है. हालांकि, सीएम नीतीश कुमार ने ब्रिज बना रही कंपनी पर सवाल खड़े किए थे और कहा था- ये एक साल पहले भी गिर गया था. फिर गिर गया. इसे ठीक से नहीं बनाया जा रहा था, इसलिए बार बार गिर जा रहा है.

विवादों में रही है एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी
एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी का विवादों से पुराना नाता रहा है. यह कंपनी जांच के दायरे में पहली बार तब आई थी जब मई 2020 में पटना में CM नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी परियोजना लोहिया पथ चक्र के निर्माण के दौरान कंक्रीट स्लैब गिरने से तीन बच्चों की मौत हो गई थी. इस घटना में बाद में क्या हुआ- पता ही नहीं चला. साथ ही निर्माण कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई.

राज्य के कई बड़े प्रोजेक्ट एसपी सिंगला के पास
बिहार में एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम करती रही है. इनमें पुल और फ्लाईओवर को बनाने का काम शामिल रहा है. साथ ही कंपनी को मिले प्रोजेक्ट की लागत भी करोड़ों की रही है. पटना में पुराने महात्मा गांधी सेतु के समानांतर नया महात्मा गांधी सेतु बनाने का काम इसी कंपनी को मिला था. इसकी कुल लंबाई 14 किमी है और 3000 करोड़ की लागत इसमें लगनी थी.

इसके अलावा पटना में जेपी सेतु के समानांतर बनने वाला पुल जो पटना के शेरपुर को छपरा के दिघवारा से जोड़ेगा, का काम भी इसी कंपनी को मिला था. 14.5 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट की कीमत भी 3000 करोड़ थी. इसके बाद मोकामा में गंगा पर नया पुल बन रहा है. ये पुल औंटा और सिमरिया को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है. इसकी लंबाई 8 किमी है और 1200 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है.

साथ ही किशनगंज कस्बे में फ्लाईओवर बनाने का काम भी एसपी सिंगला कंपनी के हाथ ही लगा था. साथ ही गंगा नदी पर भागलपुर पुल बनाया जा रहा है. इसी मामले में अब इस कंपनी पर एक्शन लिया गया है. इस पुल की लागत 1717 करोड़ है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 23 फरवरी 2014 को इसका शिलान्यास किया था. पुल के 80 फीसदी काम पूरा हो चुका था. नवंबर 2023 में पुल के उद्घाटन की तैयारी थी लेकिन इसका एक हिस्सा तब भरभरा कर गिर गया था.

अगुवानी-सुल्तानगंज पुल सिर्फ एक और निर्माण परियोजना नहीं था; इसे बिहार के लिए एक प्रमुख पहल के रूप में देखा गया था, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आधुनिक इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना बनाने का सपना देखा था. यह चार लेन वाला सड़क पुल गंगा नदी पर बनाया जाना था, जो सुल्तानगंज को खगड़िया जिले के अगुवानी घाट से जोड़ता. गंगा नदी के ऊपर स्थित यह केबल-स्टे ब्रिज कोसी क्षेत्र—जिसमें खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिले शामिल हैं— को दक्षिण के भागलपुर, मुंगेर और जमुई जिलों के साथ-साथ झारखंड के देवघर और गोड्डा जिलों से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में बनाया जा रहा था.

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जुलाई 2024 में बिहार में कई परियोजनाओं के लिए जिम्मेदार एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े पटना, दिल्ली और हरियाणा (पंचकुला) में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापे भी मारे थे.

क्या करती है एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट
कॉरपोरेट रिकॉर्ड से पता चलता है कि एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड (SPSCPL) का दिल्ली और हरियाणा में पंजीकृत कार्यालयों से संचालित होती है. इस कंपनी की शुरुआत 1996 में हुई और एक परिवार द्वारा संचालित किया जाता है. कंपनी के प्रबंध निदेशक सत पॉल सिंगला (Sat Paul Singla) हैं. वे पेशे से सिविल इंजीनियर हैं. उनके नेतृत्व में इस कंपनी ने साल-दर-साल अपना कारोबार आगे बढ़ाया. सिंगला और उनका परिवार कुल शेयरों के लगभग शत प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखता है.

कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, उसने 2023 तक बिहार में 8 नदी पुल, 3 एलिवेटेड रोड और 2 एक्सट्राडोज्ड/केबल-स्टे ब्रिज प्रोजेक्ट पूरे किए हैं. सुल्तानपुर-अगुवानी घाट केबल ब्रिज निर्माणाधीन है और ये केबल स्टे ब्रिज की श्रेणी में आता है. SPS Realtors Pvt Ltd नाम की एक अन्य सहायक कंपनी है. कंपनी का दावा है कि उसने अन्य राज्यों जैसे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर में कई परियोजनाओं को पूरा किया है.

Latest articles

मुरैना में मोबाइल फटने से फैली ट्रेन में आग की अफवाह, रेल से कूदे चार यात्री दूसरी गाड़ी से कट गए

मुरैना। प्रदेश के मुरैना जिले के हेतमपुर और राजस्थान के धौलपुर रेल खंड के...

सीएम यादव ने जारी की लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त, 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में पहुंचे 1500 रुपये

सागर। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 37वीं किस्त...

सिवनी में बाघ दो आदिवासी महिलाओं पर किया, ग्रामीणों में दहशत

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बाघ के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं...

More like this

जशपुर पहली बार मिलेगा रेल नेटवर्क से जुड़ाव, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना अधिसूचित

जशपुर। जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भारत...

मुख्यमंत्री जन आवास योजना के 110 लाभार्थियों को मिली घर की चाबी

जयपुर। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत आयोजित “गृह गौरव : खुशियों की चाबी”...

2027 चुनाव में भगवंत मान होंगे आप का सीएम चेहरा, बठिंडा में केजरीवाल ने किया ऐलान

बठिंडा। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027...