10.2 C
London
Monday, January 19, 2026
Homeराज्य'राजनीति मेरे लिए फुलटाइम जॉब नहीं...', PM मोदी की रिटायरमेंट चर्चा के...

‘राजनीति मेरे लिए फुलटाइम जॉब नहीं…’, PM मोदी की रिटायरमेंट चर्चा के बीच अपनी संभावनाओं पर क्या बोले CM योगी

Published on

नई दिल्ली,

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी और अपनी राजनीतिक महात्वाकांक्षाओं पर जवाब दिया है. उनका ये जवाब तब आया है जब पिछले दो दिनों से पीएम मोदी की रिटायरमेंट की चर्चाएं चल रही थीं. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह वह राजनीति को अपना पूर्णकालिक काम नहीं मानते हैं. Yogi Adityanath ने समाचार एजेंसी के साथ अपनी राजनीतिक पारी, बीजेपी में उत्तराधिकारी और उत्तर प्रदेश की दशा-दिशा के बारे में लंबी बातचीत की है.

इस बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया एक सवाल काफी दिलचस्प है. योगी आदित्यनाथ से पूछा गया- आरएसएस आपको पसंद करती है, मोदी जी आपको पसंद करते हैं, आपको उपयोगी कहते हैं, इस देश का एक बहुत बड़ा तबका आपको प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है, कभी न कभी, तो इसके बारे में क्या कहेंगे आप?

एक बड़ा तबका आपको PM देखना चाहता है
इस प्रश्न का सधा जवाब देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे राजनीति को अपना पूर्णकालिक पेशा नहीं मानते हैं. UP CM Yogi Adityanath ने कहा, “देखिए मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं, उत्तर प्रदेश की जनता के लिए पार्टी ने मुझे यहां लगाया है, और राजनीति मेरे लिए एक फुलटाइम जॉब नहीं है, ठीक है इस समय हम यहां काम कर रहे हैं, लेकिन मैं वास्तव में हूं तो एक योगी.”

अपने भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं को खुला रखते हुए उन्होंने कहा, ” हमलोग जिस समय तक हैं… हैं. काम कर रहे हैं. इसकी भी एक समय सीमा होगी.”योगी आदित्यनाथ की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पीएम मोदी के उत्तराधिकारी के बारे में चर्चा जोर पकड़ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में (30 मार्च) नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया था. इसके बाद विपक्षी दल इस बारे में चर्चा कर रहे हैं.

संजय राउत की टिप्पणी से शुरू हुई चर्चा
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी अपना रिटायरमेंट एप्लीकेशन देने संघ मुख्यालय गए थे. राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पीएम मोदी के संघ मुख्यालय के दौरे के बाद कहा था कि आरएसएस अब राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व में बदलाव चाहती है. संघ ही अब अगले प्रधानमंत्री का चुनाव करेगा और वह महाराष्ट्र से होगा. मैं आरएसएस के बारे में दो चीजें समझा हूं. पहला- संगठन देश के नेतृत्व में बदलाव चाहता है और दूसरा मोदी जी का समय पूरा हो गया है और अब वह खुद बदलाव चाहते हैं.राउत ने ये कहकर इस चर्चे को और भी हवा दे दी कि पीएम मोदी को ’75 वर्ष वाला नियम’याद दिला दिया गया है.

बता दें कि ये बीजेपी के नेताओं की सेवानिवृति की उम्र है और सीनियर बीजेपी नेताओं ने इसका पालन किया है. पीएम मोदी अभी अपने तीसरे कार्यकाल में हैं और इस सितंबर में वह 75 साल के हो जाएंगे. हालांकि बीजेपी और RSS दोनों ने ही ऐसी किसी भी संभावना को सिरे से खारिज किया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तो यहां तक कहा कि ‘2029 में हम मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देंखेगे’.जब BJP आलाकमान से कथित मतभेदों के बारे में सीएम योगी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया.

मतभेदों का सवाल कहां से आता है
यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा, “मतभेदों का सवाल कहां से आता है? आखिर मैं पार्टी की वजह से ही यहां बैठा हूं. अगर केंद्रीय नेताओं से मेरे मतभेद हैं तो क्या मैं यहां बैठा रहूंगा?”टिकट बंटवारे से जुड़ी चर्चाओं पर उन्होंने कहा, “दूसरी बात यह है कि (चुनाव) टिकटों का बंटवारा पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा किया जाता है और सभी मामलों पर संसदीय बोर्ड में चर्चा होती है. टिकटों का मामला उचित जांच के बाद आलाकमान तक पहुंचता है. इसलिए बोलने के लिए कोई भी कुछ भी कह सकता है… कोई किसी का मुंह बंद नहीं कर सकता.”

इसी इंटरव्यू में सीएम योगी से पूछा गया कि आप संघ की पृष्ठभूमि नहीं रखते हैं लेकिन अब आप आरएसएस के चहेते हो गए हैं. इसका कारण क्या है? इसके जवाब में सीएम योगी ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक संगठन है और ये स्वयंसेवी संगठनों के लिए मॉडल भी है…”

आरएसएस के लिए कोई पसंद और नापसंद नहीं है
CM Yogi ने आगे कहा कि आरएसएस के लिए कोई पसंद और नापसंद नहीं है आरएसएस के लिए जो भारत के प्रति निष्ठावान होगा RSS उसको पसंद करेगा. जो भारत के लिए निष्ठावान नहीं होगा, संघ उसे रास्ते पर लाने के लिए, सन्मार्ग पर लाने के लिए प्रेरणा ही दे सकता है.”

योगी आदित्यनाथ लगातार दो कार्यकालों में नौ साल तक उत्तर प्रदेश की सत्ता में रहे हैं, जिससे वे राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने वाले व्यक्ति बन गए हैं. अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कानून और व्यवस्था, हिंदुत्व, लोकलुभावन पहल और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया है.

यूपी में बीजेपी पिछले नौ सालों में कई कामयाबियां मिली है. लेकिन पार्टी को यहां 2024 के लोकसभा चुनावों में झटका लगा, जहां उसे 80 में केवल 33 सीटें मिलीं. ये 2019 की तुलना में 29 कम है. इस गिरावट ने आंतरिक असंतोष और योगी आदित्यनाथ और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के बीच संभावित दरार की अटकलों को हवा दी.

Latest articles

कोरिया गणराज्य के प्रतिनिधिमंडल का भेल भोपाल दौरा तकनीकी विभागों का निरीक्षण, प्रबंधन के साथ बैठक आयोजित

भोपाल।कोरिया गणराज्य (रिपब्लिक ऑफ कोरिया) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड...

नववर्ष मिलन समारोह 2026 में सांस्कृतिक और प्रतिभा सम्मान का आयोजन—उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक परिषद में नवीन कार्यकारिणी का गठन

भोपाल।उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक परिषद के तत्वाधान में नववर्ष मिलन समारोह 2026 का भव्य आयोजन...

बीएचईएल ने जारी किए दिसंबर तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे

भेल नई दिल्ली।भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही...

व्यापारियों के विरोध के बावजूद विजय मार्केट बरखेड़ा में बीएचईएल प्रशासन ने अवैध कब्जों के विरुद्ध की सख्त कार्रवाई

भेल भोपाल । बीएचईएल भोपाल के महाप्रबंधक  टीयू सिंह एवं टाउनशिप प्रमुख प्रशांत पाठक के...

More like this

आयकर विभाग का गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर के ठिकानों पर छापा

इंदौर।इंदौर स्थित बीओआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर्स के आवासों...

परीक्षाएं होंगी पारदर्शिता 1 लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर  ।मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से वादा...

युवा देश का भविष्य और राजस्थान का गौरव: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर ।मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और...