जयपुर,
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का काफिला हादसे का शिकार हो गया. जयपुर में बुधवार दोपहर को हुई इस दुर्घटना में काफिले में तैनात सुरक्षाकर्मियों सहित 9 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसा अक्षय पात्र चौराहे पर हुआ. यहां रॉन्ग साइड से आई एक टैक्सी नंबर अर्टिगा गाड़ी ने सीएम के काफिले को टक्कर मार दी. इस दौरान चौराहे पर तैनात ASI सुरेंद्र सिंह ने टैक्सी को रोकने की कोशिश की, तो ड्राइवर ने टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. गाड़ी के ड्राइवर का नाम पवन कुमार है. वह गल्फ में ड्राइवर का काम करता है. इस हादसे में वह भी गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में इलाज चल रहा है.
जानकारी के मुताबिक सीएम भजनलाल ने ट्रैफिक पुलिस ने उनके काफिले की मूवमेंट के दौरान आम जनता को नहीं रोकने के निर्देश दिए हुए थे. ऐसे में जब सीएम निकले तो रॉन्ग साइड से आ रही गाड़ी ने उनके काफिले में घुसकर सुरक्षाकर्मियों की गाड़ी को टक्कर मार दी. इसमें 5 सुरक्षाकर्मियों सहित 9 लोग घायल हो गए. इनमें से दो सुरक्षाकर्मियों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में शिफ्ट किया गया था, जिनमें से एक ही मौत हो गई. घायलों को मुख्यमंत्री खुद अस्पताल तक लेकर गए और उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया था.
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना एनआरआई सर्किल के पास हुई, जब सीएम के काफिले की एक गाड़ी एक कार से टकराने से बचने के प्रयास में सड़क के डिवाइडर से टकरा गई. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपनी गाड़ी रुकवाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.
उन्होंने बताया, “सीएम का काफिला हमेशा की तरह चल रहा था और कोई यातायात नहीं रुका था. इसी दौरान दुर्घटना हुई. सीएम ने मामले की जानकारी ली और एंबुलेंस आने का इंतजार करने के बजाय गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाने में कोई समय बर्बाद नहीं किया.”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि ‘आज जयपुर में दुर्भाग्यपूर्ण वाहन दुर्घटना में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) श्री सुरेंद्र जी के निधन व अन्य नागरिकों के घायल होने की घटना अत्यंत दुःखद है।’ उन्होंने कहा, ‘इस अपार दुःख की घड़ी में हमारी संवेदनशील सरकार मृतक के परिजनों व घायलों के साथ खड़ी है। इस दुर्घटना के उपरांत संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित चिकित्सीय उपचार सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। मेरी संवेदनाएं शोक-संतप्त परिवार के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान एवं घायल नागरिकों को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। ॐ शांति’
3 दिन में वीआईपी सुरक्षा में फिर बड़ी चूक
यह घटना वीआईपी सुरक्षा में एक बड़ी चूक मानी जा रही है। जयपुर में हाल ही में कई बार वीआईपी सुरक्षा में चूक की घटनाएं सामने आई हैं। तीन दिन पहले भी मुख्यमंत्री के काफिले के सामने एक बाइक सवार आ गया था। मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष के काफिले में पांच युवक घुस गए थे। उसी दिन रात को राज्यपाल के काफिले के सामने भी एक बाइक सवार आ गया था।
…तो टैक्सी कैसे काफिले के सामने पहुंची?
यह घटना जयपुर पुलिस के लिए एक बड़ा सबक है। सवाल यह है कि जब वीआईपी रूट पर ट्रैफिक रोका गया था, तो टैक्सी कैसे काफिले के सामने पहुंची? किसकी गलती से यह हुआ? कौन जिम्मेदार है? पुलिस अधिकारी इसे एक अप्रत्याशित घटना बता रहे हैं। लेकिन सवाल यह भी है कि जब मुख्यमंत्री सामान्य ट्रैफिक में चलने की पहल करते हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाती है?
पुलिस अधिकारियों की हाईलेवल मीटिंग बुलाई गई
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे, टैक्सी चालक कौन है? वह पुलिस की रोक के बावजूद काफिले के सामने कैसे पहुंचा? क्या पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की? क्या वीआईपी रूट के पहले वाले चौराहों पर ट्रैफिक रोका गया था? इन सभी सवालों के जवाब ढूंढ़ना जरूरी है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने DGP समेत पुलिस अधिकारियों की हाईलेवल मीटिंग बुलाई है। पुलिस इस घटना से काफी चिंतित है।
वीआईपी कारकेड की सबसे आगे वाली गाड़ी में थे DSP अमीर हसन
ASI सुरेंद्र ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात थे। टैक्सी सबसे पहले उन्हीं से टकराई। DSP अमीर हसन वीआईपी कारकेड की सबसे आगे वाली गाड़ी में थे। उन्हीं की बोलेरो से टैक्सी टकराई। पीछे से दूसरी बोलेरो भी टकरा गई। इस हादसे में ASI सुरेंद्र को गंभीर चोटें आई हैं। डीएसपी अमीन हसन समेत कई अन्य भी घायल हुए हैं।
सुरक्षा इंतजामात पुख्ता होना जरूरी, समीक्षा के बाद उठाए जाने चाहिए सख्त कदम
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी खामी को दर्शाती है। इस घटना की पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है। वीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जानी चाहिए। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस घटना से सुरक्षा एजेंसियों को सीख लेनी चाहिए और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त करना चाहिए।
इस घटना के बाद पुलिस पर दबाव है। उन्हें इस मामले की पूरी जांच करनी होगी और दोषियों को सजा दिलानी होगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। यह सुनिश्चित करना होगा कि वीआईपी की सुरक्षा में कोई चूक न हो। इस घटना के बाद पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी होगी और उसमें सुधार करना होगा। यह भी देखना होगा कि ट्रैफिक व्यवस्था को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है ताकि वीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी तरह की असुविधा ना हो।
