जयपुर:
राजस्थान की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने अंतिम बजट में टोंक के देवड़ावास में मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र खोलने की घोषणा की थी। इसके लिए बजट का आवंटन भी कर दिया था। कार्यालय की स्थापना और नव सृजित पदों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। कुल 721 लाख का प्रोजेक्ट स्वीकृत भी कर दिया था लेकिन अब मौजूदा सरकार यह केंद्र भरतपुर में खोलने जा रही है। राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में टोंक विधायक सचिन पायलट और सांसद हरीश चंद्र मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है। पत्र के जरिए आग्रह किया गया है कि मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र को टोंक से भरतपुर शिफ्ट ना किया जाए।
इसी महीने हुई बैठक में शिफ्ट करने का फैसला
कृषि आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी में 13 जून को कृषि पंत भवन में एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में तमाम अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की मीटिंग मिनट्स के पेज संख्या छह के मुताबिक मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र को टोंक से भरतपुर शिफ्ट/स्थानान्तरण करने का मिनट्स जारी किया गया है जिसकी अग्रिम कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जैसे ही इस मीटिंग्स के मिनट्स का पता चला तो कांग्रेसी नेताओं ने एतराज जताना शुरू कर दिया।
पायलट और हरीश मीणा ने लिखी चिट्ठी
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट टोंक से लगातार दूसरी बार विधायक हैं। देवली उनियारा से विधायक रहे कांग्रेस नेता हरीश मीणा इस बार टोंक से सांसद निर्वाचित हुए हैं। सचिन पायलट और हरीश मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखे हैं। सचिन पायलट ने अपने पत्र में लिखा कि मधुमक्खी पालन केंद्र को भरतपुर शिफ्ट करने की कार्यवाही पर रोका जाए। उन्होंने इसे यथावत रखे जाने की मांग की है। सांसद हरीश मीणा ने भी पायलट की बात का समर्थन करते हुए सीएम भजनलाल को पत्र लिखा। मीणा ने कहा कि उनकी अनुशंसा पर ही इस केंद्र की स्थापना टोंक में की जा रही है। इसे भरतपुर या अन्यत्र कहीं भी शिफ्ट नहीं किया जाए।
जनता द्वारा कांग्रेस को वोट देने की सजा ना दें – हरीश मीणा
टोंक सांसद हरीश मीणा ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि टोंक की जनता ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया था। विधायक और सांसद कांग्रेस के निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने अगर कांग्रेस को वोट दिया तो सरकार उन्हें इसकी सजा ना दें। उन्होंने कहा कि टोंक में इस व्यवसाय के आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। इस केंद्र की स्थापना होने से टोंक क्षेत्र के आसपास के किसानों और युवाओं को रोजगार मिलेंगे। इस केंद्र को शिफ्ट करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना जरूरी है।
