मुंबई
शिवसेना नेता (यूबीटी) संजय राउत को मुंबई के मझगांव के सेशन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को शिनसेना नेता और सांसद संजय राउत को दी गई 15 दिनों की जेल की सजा को निलंबित कर दिया। राउत को बीजेपी नेता और पूर्व विधायक किरीट सोमैया और उनकी पत्नी मेधा सोमैया की मानहानि के लिए एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोषी ठहराया था।
एडिशनल सेशन जज एसपी पिंगले ने 50,000 रुपये के मुचलके पर राउत को भी जमानत दे दी। बता दें, राउत को 26 सितंबर को मझगांव की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोषी ठहराया था और उन्हें शिकायतकर्ता भाजपा नेता की पत्नी मेधा सोमैया को 25,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था।
इसके बाद शिवसेना नेता ने अपनी दोषसिद्धि को सेशन कोर्ट में चुनौती दी, जिसने उनकी अपील पर अंतिम सुनवाई और फैसले तक उनकी सजा को निलंबित कर दिया है। मेधा द्वारा 2022 में दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, राउत ने उनके पति पर मुंबई के पास मीरा-भयंदर के अधिकार क्षेत्र में कुछ शौचालयों के निर्माण से संबंधित 100 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था।
क्या है पूरा मामला?
भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया का दावा है कि संजय राउत ने अपने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के ऑनलाइन संस्करण में उनके खिलाफ झूठे आरोप मढ़े। सोमैया ने अपनी शिकायत में कहा था राउत ने उनके और उनके पति के खिलाफ जो आरोप लगाए हैं वो पूरी तरह से निराधार और मानहानिकारक हैं। मीरा भयंदर नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में कुछ सार्वजनिक टॉयलेट के निर्माण और रखरखाव पर 100 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।
