आगरा:
उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ताजमहल को हिंदूवादी संगठन तेजोमहल होने का दावा करते रहते हैं। शिवरात्रि पर कई बार यहां पर जल चढ़ाने का प्रयास किया जा चुका है। इस बीच, ताजमहल अपने गार्डन को लेकर चर्चा में आ गया है। शाहजहां गार्डन ताजमहल के पास ही स्थित है। इसके नाम को बदल कर अहिल्याबाई होल्कर गार्डन करने की कार्यवाही लखनऊ में शुरू हो चुकी है।
पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने शाहजहां गार्डन के नाम बदलने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा था। उन्होंने शाहजहां गार्डन का नाम अहिल्याबाई होल्कर करने की संस्तुति की थी। अब सीएम कार्यालय के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने यूपी के मुख्य सचिव को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।
31 मई, 1725 को महारानी अहिल्याबाई होलकर का जन्म हुआ था। पिता मानकोजी शिंदे एक मामूली किसान थे। अहिल्याबाई का विवाह इंदौर राज्य के संस्थापक महाराजा मल्हार राव होलकर के पुत्र खंडेराव से हुआ था। इनकी मालेराव पुत्र और मुक्ताबाई पुत्री थी। पति के निधन के बाद सत्ता संभाली और मृत्युपर्यन्त तक कुशलता से शासन को चलाया। अहिल्याबाई होल्कर नारी सशक्तिकरण की पुरजोर समर्थक थीं। उन्होंने कई मंदिरों का निर्माण कराया। जिसमें विश्वनाथ मंदिर भी शामिल है। उनके शासन में स्त्रियों का बड़ा सम्मान होता था। उन्होंने लड़कियों को पढ़ाने-लिखाने पर जोर दिया था। करीब 30 साल तक उनके शासनकाल में प्रजा काफी खुशहाल रहती थी। उनका निधन 1975 में हुआ था।
ताजमहल बनाम तेजोमहल
ताजमहल मोहब्बत की निशानी के तौर पर विश्व में प्रसिद्ध है। इतिहासकार के अनुसार, शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज के याद में ताजमहल बनवाया था। वहीं, कुछ शोधकर्ताओं का दावा है कि आगरा से 600 किलोमीटर दूर बुरहानपुर में मुमताज की कब्र है। दावा है कि ताजमहल में बनी कब्र नकली है। दूसरी ओर हिंदूवादी संगठन इसको शिव मंदिर यानी तेजोमहल होने का दावा करते रहते हैं। कुछ इतिहासकार अपनी किताब में हिंदू मंदिर होने का दावा करते हैं।
