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Tuesday, May 12, 2026
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‘केंद्र में मंत्री रहीं, उन्हें दो बार CM बनाया’, वसुंधरा की BJP में भूमिका पर सतीश पूनिया का बयान

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जयपुर:

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष और हरियाणा के प्रभारी सतीश पूनिया रविवार को बाड़मेर दौरे पर रहे। बाड़मेर में पूनिया मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने पार्टी की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की बीजेपी मे भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। पूनिया ने कहा कि वे हमारी पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। पार्टी ने जो जिम्मेदारी उन्हें दी है, वे उन्हें पूरा कर रही हैं। हाल ही में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव में राजे की सक्रियता को लेकर सवाल पूछे जाने पर पूनिया ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी, वो उन्होंने निभाई है। मीडिया इसे किस रूप में परिभाषित करे, यह मीडिया की सोच है।

पूनिया ने आगे कहा कि, ‘उनको लेकर यह जरूर कहना चाहूंगा कि पार्टी ने उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्र में मंत्री पद की जिम्मेदारी और दो बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया। वो कई बार संसद और विधानसभा की कई बार सदस्य रही हैं। वह पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है और इतने लाखों करोड़ों लोगों में उनका चंद लोगों में शुमार होना यह कोई कम सम्मान नहीं है।’

‘भाजपा में हाईकमान तय करता है जिम्मेदारी’
पूनिया ने कहा कि राज्यों में किस नेता को क्या करना है? यह राज्य के स्तर पर तय नहीं होता है। पार्टी का अपना संविधान है, एक सिस्टम बना हुआ है, जिसमें पार्टी हाईकमान नेताओं की जिम्मेदारी तय करता है। कोई भी नेता चाहे वह पूर्व सीएम हो या कोई और, अपने स्तर पर यह नहीं किया जा सकता कि उसे क्या जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी।

बाड़मेर में मीडिया से बात करते हुए पूनिया ने कहा कि पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव में हरियाणा का चुनाव प्रभारी बनाया था तो वे लोकसभा चुनाव में वहां व्यस्त रहे। अब एक बार फिर हरियाणा के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है तो आगे भी वहीं कार्य करना है। पूनिया ने कहा कि अब अगर वे यह कहें कि उन्हें राजस्थान में कोई जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई तो इसका कोई अर्थ नहीं रह जाता।

दोनों चुनावों में अलग थलग रहीं राजे
नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव और अप्रैल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी हाईकमान ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को राज्य में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी। ना तो विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम का चेहरा घोषित किया और ना ही लोकसभा चुनाव की बड़ी रैलियों में राजे को आमंत्रित किया गया। विधानसभा चुनाव में तो राजे ने अपनी झालरापाटन के अलावा कुछ अन्य सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार किया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान वे केवल अपने बेटे दुष्यंत सिंह के क्षेत्र झालावाड़ तक सीमित रहीं। दो बार प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं वसुंधरा राजे लोकसभा चुनाव के स्टार प्रचारकों की सूची में थी, लेकिन वे केवल झालावाड़ क्षेत्र में ही व्यस्त रहीं।

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