11.6 C
London
Thursday, May 14, 2026
Homeराज्यCM नीतीश कुमार से बातचीत के लिए अड़े छात्र... BPSC परीक्षा को...

CM नीतीश कुमार से बातचीत के लिए अड़े छात्र… BPSC परीक्षा को लेकर मोर्चे पर डटे छात्रों के बीच प्रशांत किशोर पहुंचे

Published on

पटनाः

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं पीटी परीक्षा को रद्द कर पुनर्परीक्षा की मांग को लेकर कई दिनों से धरना पर बैठे अभ्यर्थियों को प्रशांत किशोर का समर्थन भी मिला। इससे पहले अपनी मांगों के समर्थन में अभ्यर्थी रविवार को छात्र संसद में भाग लेने के लिए गांधी मैदान पहुंचे। हालांकि जिला प्रशासन ने छात्र संसद की अनुमति नहीं दी है।

पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा
इससे पहले प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों को मुख्य सचिव ने वार्ता के लिए आमंत्रित किया। लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ही बात करेंगे। जिसके बाद जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी सीएम आवास की ओर बढ़ने लगे। लेकिन वहां पहले से तैनात सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर कर दिया।

मुख्य सचिव के साथ पांच सदस्यीय समिति की वार्ता
राज्य सरकार की ओर से आंदोलन को समाप्त कराने के लिए देर शाम पहल की गई। प्रशांत किशोर ने बताया कि छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अब से कुछ देर बाद मुख्य सचिव ने वार्ता के लिए बुलाया है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की समिति मुख्य सचिव से बातचीत करेगी, ताकि उनकी जो समस्या हैं, उनकी जो मांगें हैं, उस पर कोई निर्णय लिया जा सका। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत का नतीजा संतोषजनक नहीं होगा, तो कल सुबह बैठक कर छात्र आंदोलन के आगे की रणनीति के बारे में निर्णय लेंगे।

प्रदर्शनकारी छात्रों को होटल मौर्या के निकट रोका गया
छात्रों के मार्च में प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। लेकिन होटल मौर्या के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारी छात्रों को रोक दिया। इस मौके पर प्रशांत किशोर ने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी चौक पर स्थित विभिन्न लॉज और हॉस्टल में रहने वाले कई स्टूडेंट्स आईएएस-आईपीएस बने। इसलिए बल प्रयोग का डर नहीं बताए, छात्र इसलिए बैठे कि प्रशासन बताए, वो आगे आप क्या करना चाहते हैं।

पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
दरअसल , जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर शनिवार को गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पर पहुंचे थे और रविवार को गांधी मैदान में छात्र संसद की घोषणा की थी। इस बीच, जिला प्रशासन ने विभिन्न कारणों से छात्र संसद की अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालना चाहते थे। इसे लेकर पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

गांधी मैदान बापू प्रतिमा के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी
इस बीच, धरना पर बैठे प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी रविवार को गांधी मैदान बापू प्रतिमा के पास पहुंच गए। इस दौरान हालांकि पुलिस ने इन्हें मैदान में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की, लेकिन ये नहीं माने। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस लगातार छात्रों से हटने की अपील कर रही है।

आयोग की विश्वासनीयता पर प्रदर्शनकारियों ने उठाए सवाल
गांधी मैदान पहुंचे प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी आज स्थिति करो या मरो की हो गई है। उन्होंने कहा कि आयोग की विश्वसनीयता समाप्त हो गई है। हमलोगों की मांग सिर्फ पुनर्परीक्षा की है। इसके लिए हमलोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलना चाहते हैं, लेकिन वे नहीं मिल पा रहे हैं।

बीपीएससी की ओर से परीक्षा रद्द करने से इनकार
बीपीएससी ने पहले ही साफ कर दिया है कि बापू परिसर के अलावा किसी भी अन्य केंद्रों से कुप्रबंधन की शिकायत नहीं मिली है, इस कारण परीक्षा रद्द नहीं की जा सकती है।दरअसल, 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में प्रदेश की राजधानी पटना के बापू भवन परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गई थी, जिसके बाद सैकड़ों उम्मीदवारों ने विरोध दर्ज करने के लिए परीक्षा का बहिष्कार भी किया था।

परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर धरना पर बैठे हैं अभ्यर्थी
बीपीएससी ने बापू परिसर में आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया और फिर से इस केंद्र के परीक्षार्थियों के लिए चार जनवरी को परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया है। छात्र परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हुए हैं। बीपीएससी परीक्षा को लेकर सियासत भी गर्म है।

Latest articles

भीषण गर्मी से तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा 45 डिग्री पार, मालवा-निमाड़ में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। बीते दिनों आंधी-बारिश...

सीएम शुभेंदु का बड़ा कदम: बंगाल के स्कूलों में अब वंदे मातरम गीत गाना अनिवार्य, सख्ती से पालन करने का निर्देश

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में...

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल, सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों सामूहिक विवाह समारोह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन...

More like this

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल, सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों सामूहिक विवाह समारोह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन...

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम भजनलाल शर्मा; दी बधाई

गुवाहाटी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मां कामाख्या के दरबार में टेका मत्था; हवन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की मांगी दुआ

गुवाहाटी/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने असम स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर...