25.2 C
London
Sunday, June 21, 2026
Homeराज्यबीजेपी MLA को सुप्रीम झटका! दो हफ्ते में करना होगा सरेंडर, कांग्रेस...

बीजेपी MLA को सुप्रीम झटका! दो हफ्ते में करना होगा सरेंडर, कांग्रेस के विरोध के बाद विधायकी भी जाना तय!

Published on

जयपुर

राजस्थान के बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। एसडीएम पर रिवॉल्वर तानकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उनकी याचिका खारिज कर दी। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें मीणा को तीन साल की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने आदेश दिया कि मीणा को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। इस फैसले के बाद उनकी विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है।

SDM पर रिवाल्वर तानने का यहां जानें पूरा मामला
वर्ष 2005 में झालावाड़ जिले के खाताखेड़ी गांव में उपसरपंच चुनाव के दौरान कंवरलाल मीणा ने पुनर्मतदान के मुद्दे पर तत्कालीन एसडीएम रामनिवास पर रिवॉल्वर तानकर धमकी दी थी। उन्होंने सरकारी वीडियोग्राफी की कैसेट भी तोड़ दी थी। इस मामले में अकलेरा की एडीजे कोर्ट ने दिसंबर 2020 में मीणा को तीन साल की सजा सुनाई थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने 2 मई 2025 को इस फैसले को बरकरार रखा था। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मीणा की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी, लेकिन बुधवार को उनकी याचिका खारिज कर दी।

कांग्रेस ने उठाई सदस्यता रद्द करने की मांग
इस मामले ने राजस्थान की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस ने बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा सदस्यता तत्काल रद्द करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और चीफ व्हीप रफीक खान के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा सचिव को ज्ञापन सौंपा। जूली ने कहा कि लिली थॉमस केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्पष्ट है कि दो साल से अधिक सजा पाने वाले सांसद या विधायक की सदस्यता उसी दिन रद्द हो जानी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की सदस्यता 24 घंटे में रद्द होने का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि मीणा की सदस्यता पर देरी क्यों?

विधानसभा अध्यक्ष ने मांगी कानूनी राय
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस मामले में कानूनी राय लेने की बात कही है। उनका कहना है कि मीणा को अंतरिम जमानत मिली थी, इसलिए फैसला लेने से पहले कानूनी पहलुओं की जांच जरूरी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद मीणा की विधायकी पर संकट गहरा गया है। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने चेतावनी दी कि यदि 8 मई तक कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द नहीं की गई, तो कांग्रेस विधिक कार्रवाई के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा, ‘देश में एक कानून होना चाहिए। राहुल गांधी की सदस्यता 24 घंटे में रद्द कर दी गई थी, लेकिन मीणा के मामले में देरी क्यों? हाईकोर्ट के फैसले की प्रमाणित प्रति विधानसभा को सौंपी जा चुकी है। अब और बहाने नहीं चलेंगे।’

21 मई तक सरेंडर करना होगा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कंवरलाल मीणा को 21 मई तक सरेंडर करना होगा। उनकी विधायकी रद्द होने की स्थिति में झालावाड़ क्षेत्र में उपचुनाव की संभावना बढ़ गई है। यह मामला राजस्थान की सियासत में बीजेपी और कांग्रेस के बीच तनातनी को और बढ़ा सकता है।

Latest articles

तबादला नीति की शर्तों से परेशान शिक्षक, 90% ई-अटेंडेंस और जनगणना ड्यूटी पर उठे सवाल

भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति की जटिल शर्तों को लेकर...

दानिशकुंज में गृह मंत्रालय के अफसर के घर चोरी, 5 लाख के जेवरात पार

भोपाल। राजधानी के कोलार थाना क्षेत्र स्थित दानिशकुंज (डीके-1) में रहने वाले केंद्रीय गृह...

मप्र में प्री-मानसून की झमाझम, मानसून 10 दिन लेट; 25 जून तक एंट्री की उम्मीद

भोपाल। मप्र में प्री-मानसून एक्टिविटी के चलते तेज आंधी और बारिश का दौर जारी...

अब्बास नगर में बरसते पानी में हटा अतिक्रमण, दुकानों के शेड तोड़े

भोपाल। राजधानी के अब्बास नगर क्षेत्र में शनिवार को प्रशासन और नगर निगम के...

More like this

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल की सौजन्य भेंट

रायपुर। रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ योग आयोग...

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पदक विजेता योग खिलाड़ियों के साथ किया योगाभ्यास

जयपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला...

फगवाड़ा में सीएम भगवंत मान का विपक्ष पर हमला, विकास कार्यों के लिए 18.57 करोड़ रुपए की घोषणा

पंजाब। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फगवाड़ा में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम में...