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Tuesday, May 5, 2026
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बेटे ने इन्हीं हाथों में दम तोड़ा… हेयर ट्रांसप्लांट से जान गंवाने वाले इंजीनियर की मां के नहीं रुक रहे आंसू

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कानपुर

यूपी के कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद दो इंजीनियरों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। फर्रुखाबाद निवासी मयंक कटियार इंजीनियर थे। उनके कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी थी। पिता के निधन के बाद मां की दवा से लेकर छोटे भाई की पढ़ाई का खर्च मयंक ही उठाते थे। हेयर ट्रांसप्लांट के बाद उनके चेहरे में सूजन आ गई। पूरा चेहरा काला पड़ गया। भीषण दर्द से कहराता रहा। उसकी आंख और नाक से खून बहने लगा। अपनी मां की गोद में तड़प कर दम तोड़ दिया।

परिवार की थी जिम्मेदारी
मूलरूप से फर्रुखाबाद के बलदेव भवन भोलेपुर निवासी प्रमोदनी कटियार ने बताया कि बेटे मयंक कटियार (32) ने कानपुर के एक प्राइवेट कालेज से बीटेक की पढ़ाई की थी। इसके बाद नौकरी कर रहा था। वह कानपुर में ही अपना बिजनेस सेटअप करने की तैयारी कर रहा था। पति की मौत के बाद बड़े बेटे मयंक के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी।

छोटे भाई के साथ गया था मयंक
मयंक कटियार की मां प्रमोदनी कटियार ने बताया कि 18 नवंबर की सुबह 8 बजे मयंक छोटे भाई कुशाग्र के साथ केशव पुरम स्थित इंपायर क्लिनिक की डॉक्टर अनुष्का तिवारी के पास गया था। दोपहर दो बजे तक हेयर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया चली। इसके बाद शाम पांच बजे मयंक फर्रुखाबाद स्थित घर पहुंचा। इसके बाद उसके चेहरे और सिर पर भीषण दर्द उठा। मयंक ने कहा कि मां मुझे बहुत दर्द हो रहा है। मैने बेटे से कहा कि क्या डॉक्टर से बात नहीं हो सकती है। यदि बात हो सके तो उनसे बात करो और दर्द के बारे में बताओ।

पूरी रात असहनीय दर्द से तड़पता रहा
उन्होंने बताया कि बेटे ने वीडियो कॉल कर दर्द की बात बताई। डॉक्टर ने कहा कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है। इसके बाद उन्होंने कुछ दर्द के इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा, लेकिन इंजेक्शन लगाने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। बीते 18 नवंबर की रात भीषण दर्द के बीच उसके चेहरे में सूजन आने लगी। 19 नवंबर की सुबह तक उसके चेहरे में इतनी सूजन आ गई कि आंखों से दिखा बंद हो गया। मेरा बेटा पूरी रात दर्द से तड़पता रहा। सुबह एक बार फिर से डॉक्टर को कॉल किया और मयंक की स्थिति बताई।

आंख-नाक से हो रही थी ब्लीडिंग
मयंक की मां ने बताया कि सुबह 9 से 10 बजे के बीच मयंक की हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद फिर से डॉक्टर को फोन कर मयंक की हालत बिगड़ने की जानकारी दी तो उन्होंने कानपुर क्लिनिक लेकर आने के लिए कहा। कानपुर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान मयंक की आंख और नाक से खून बहने लगा। इसके बाद बेहोश होकर गिर पड़ा। बेटे की यह हालत देखकर घबरा गए। उसकी हालत देखने लायक नहीं थी। इसके बाद मयंक ने मेरे हाथों में दम तोड़ दिया।

अब किसी का परिवार न उजड़े
प्रमोदनी देवी का कहना है कि नवंबर में डॉक्टर ने मेरे बेटे की जान ले ली। इसके बाद उसने मार्च में एक और इंजीनियर विनीत दुबे की जान लेकर परिवार उजाड़ दिया। ऐसी डॉक्टर को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उसे जेल भेजा जाए, ताकि अब किसी का परिवार बर्बाद न हो। हमारा बेटा चला गया, उसके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी थी। हमारा सहारा छिन गया। हम इस हालत में नहीं थे कि कहीं शिकायत कर सकें। मयंक की मौत के बाद डॉक्टर ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। हमारे नंबरों को ब्लॉक कर दिया।

डॉक्टर के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं
मयंक के छोटे भाई कुशाग्र का कहना है कि मेरे पास डॉक्टर अनुष्का तिवारी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। क्लिनिक के स्टाफ ने 40 हजार रुपये ऑन लाइन जमा कराए थे। डॉक्टर ने सभी जांचें कराई थीं, जिसकी रिपोर्ट नॉर्मल थी। मेरे भाई की किसी भी तरह की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री नहीं थी। जब ट्रांसप्लांट के लिए गए थे तो पूरी तरह से स्वास्थ्य थे। इसके साथ ही डॉक्टर के पर्चे और चैट के स्क्रीन शॉट सब कुछ है। डॉक्टर के पास डेंटल की डिग्री और वह हेयर ट्रांसप्लांट कर रही है। कुशाग्र का कहना है कि हमें न्याय चाहिए।

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