नई दिल्ली
राजस्थान के जैसलमेर के वीडियोज सोशल मीडिया पर जोर-शोर से शेयर किए जा रहे हैं। इन वीडियोज में एक ट्रैक्टर जमीन के अंदर धंसा दिख रहा है और अंदर से पानी की धारा तेजी से ऊपर आती दिख रही है।दावा किया जा रहा है कि जैसलमेर के मोहनगढ़ में जहां से पानी की धार इतनी तेजी से ऊपर आ रही है, वहीं से प्राचीन सरस्वती नदी गुजरती थी। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि यह धारा और कुछ नहीं बल्कि सरस्वती नदी की ही है।
जैसलमेर के मोहनगढ़ में बोरवेल खुदाई के दौरान धरती से जलधारा का फूटना चमत्कारिक घटना है। माना जा रहा है कि यह प्राचीन सरस्वती नदी के भूगर्भीय जल का हिस्सा हो सकता है। मरुस्थल में जल की यह नई किरण क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आई है। 🌊 #Jaisalmer #WaterDiscovery pic.twitter.com/fv8rCgvVYu
— Naresh Bohra Narendra (@nadol_naresh) December 28, 2024
क्या है सच्चाई?
हमने पड़ताल शुरू की तो देखा कि सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा जोरों पर चल रही है। हर कोई अपनी-अपनी तरफ से दावे कर रहा है और संभावनाएं जता रहा है।पड़ताल में पता चला कि पत्रकार बिरादरी भी आश्वस्त नहीं भी तो कम-से-कम उम्मीद तो जरूर कर रहा है कि यह सरस्वती नदी का पानी हो सकता है।हालांकि, इसका वैज्ञानिक प्रमाण अभी कुछ नहीं है। पत्रिका न्यूज के मुताबिक, केयर्न एनर्जी की टीम बाड़मेर से जैसलमेर आएगी और मोहनगढ़ की घटना की जांच करेगी।
जैसलमेर के रेगिस्तान में पानी फूट फूटकर बाहर आ रहा है
क्या यह सरस्वती नदी का पानी है? pic.twitter.com/SEIAvcXkSF— Arvind Chotia (@arvindchotia) December 28, 2024
निष्कर्ष
जैसलमेर के मोहनगढ़ का वायरल वीडियो तो शत प्रतिशत सही है, लेकिन सरस्वती नदी की जलधारा को लेकर किए जा रहे दावों का अभी तक कोई प्रमाण नहीं है। मौके पर पहुंचे भूजल वैज्ञानिक एनडी इनखिया ने कह रहे हैं कि बोरवेल खोदे जाने के दौरान अचानक इतना पानी आने की घटना सभी लोगों को अंचभित कर रही है लेकिन फिलहाल इस पानी के बहाव को सरस्वती नदी से कनेक्ट करना जल्दबाजी होगी। यह जांच का विषय है, जिस पर आगे जानकारी दी जाएगी। इसलिए यह दावा भ्रामक है कि मोहनगढ़ में जमीन के अंदर से निकल रह जल प्रवाह सरस्वती नदी का है।
