Ujjain: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ (Simhastha Kumbh) को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने किसान संघ, भाजपा पदाधिकारियों, जन-प्रतिनिधियों और ज़िला प्रशासन के साथ एक विस्तृत बैठक की, जिसके बाद सिंहस्थ लैंड पूलिंग (Simhastha Land Pooling) योजना को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया गया.
यह फैसला किसानों की लंबे समय से चली आ रही माँग और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग और ज़िला प्रशासन को तुरंत इस संबंध में आदेश जारी करने का निर्देश दिया है.
1. लैंड पूलिंग योजना क्यों हुई रद्द?
सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना के तहत प्रशासन कुंभ मेले के लिए किसानों की ज़मीन लेता था, जिसका किसान लंबे समय से विरोध कर रहे थे.
- किसानों का सम्मान: मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सिंहस्थ को भव्य और दिव्य बनाने के साथ-साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा.
- आदेश जारी: इस निर्णय के बाद मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग और ज़िला प्रशासन को योजना रद्द करने के लिए तुरंत औपचारिक आदेश जारी करने का निर्देश दिया.
2. सिंहस्थ को बनाया जाएगा दिव्य और भव्य
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया कि अगला सिंहस्थ कुंभ एक दिव्य, भव्य और विश्वस्तरीय आयोजन हो.
- सहमति: सभी उपस्थित लोगों ने सिंहस्थ को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की.
- संतों के हित: बैठक में यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया कि संतों और किसानों, दोनों के हितों को पूरी तरह से ध्यान में रखा जाए.
3. किसान संघ ने मुख्यमंत्री का आभार जताया
मुख्यमंत्री द्वारा लैंड पूलिंग रद्द करने के फैसले का किसान संघ ने गर्मजोशी से स्वागत किया.
- अभिनंदन: बैठक में मौजूद किसान संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके इस किसान-हितैषी निर्णय के लिए धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया.
4. बैठक में कौन-कौन थे मौजूद?
इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा संगठन और किसान संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे.
- भाजपा पदाधिकारी: भाजपा ज़िला अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महेश चौधरी, कमल सिंह अंजना, अतुल महेश्वरी, लक्ष्मी नारायण पटेल, भरत बैस, रमेश डांगी सहित भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल उपस्थित रहे.
