लखनऊ:
उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में पेपर लीक करने वाले गिरोह के सदस्यों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट में सुरक्षा में कहां चूक हुई इसका भी जिक्र किया गया है। बता दें कि एसटीएफ की मेरठ यूनिट पेपर लीक से जुड़े एक मुकदमे की अभी विवेचना कर रही है। हालांकि पेपर छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस का मालिक अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
बीते दिनों एसटीएफ ने शासन को सौंपी अपनी रिपोर्ट में पेपर लीक करने वाले गिरोह के सदस्यों का जिक्र किया है। वहीं गिरफ्तारी और गैंग के सदस्यों के बारे में जानकारी देने के साथ ही सुरक्षा में हुई चूक के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। गौरतलब है कि यूपी पुलिस की इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के माध्यम से कांस्टेबल के कुल 60244 पदों पर कैंडिडेट्स की भर्ती होनी थी। जिसके लिए 17 और 18 फरवरी 2024 परीक्षा हुई थी। दो शिफ्टों में हुए पेपर को बाद में लीक हो जाने के कारण रद्द कर दिया गया था सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस परीक्षा को आगामी छह महीने में कराने के आदेश दिए थे।
जुलाई या अगस्त में हो सकते हैं एग्जाम
माना जा रहा है कि यूपी पुलिस भर्ती एंव प्रोन्नति बोर्ड जल्द ही सिपाही भर्ती परीक्षा की नई तारीख की घोषणा कर सकता है। लोकसभा चुनावों के रिजल्ट आने के बाद अब एक बार फिर उत्तर प्रदेश का युवा कांस्टेबल भर्ती की दोबारा परीक्षा की तारीखों के ऐलान का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन जुलाई या अगस्त में हो सकता हैं। बता दें कि 17 और 18 फरवरी 2024 को उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती की परीक्षा आयोजित कराई गई थी। दोनों दिन 2-2 शिफ्टों में हुए एग्जाम को बाद में पेपर लीक की कारण रद कर दिया गया था।
