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Tuesday, March 17, 2026
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‘मालदार’ सरकारी बाबू बन गए गरीब, उठा रहे थे इस योजना का लाभ, जांच में खुली पोल तो अधिकारी हैरान!

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झुंझुनूं:

सरकारी नौकरी और सस्ती दर का राशन। हैरान करने वाला यह कॉम्बिनेशन राजस्थान के झुंझुनूं से सामने आया है। चालाक सरकारी कर्मचारियों की पोल तब खुली जब ‘GIVE UP’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की जांच शुरू हुई। सैकड़ों सरकारी बाबू, जो खुद सरकारी तनख्वाह पाते हैं और योजना में अपात्र हैं बावजूद इसके गरीबों के लिए आरक्षित सस्ती दरों पर राशन उठा रहे थे। जिला रसद अधिकारी डॉ. निकिता राठौड़ ने बताया कि झुंझुनूं जिले में अब तक 140 सरकारी कर्मचारियों से 7,34,064 रुपये की वसूली की जा चुकी है, जो उन्होंने अनुचित तरीके से उठाए गए राशन के एवज में जुर्माने के तौर पर भरे हैं।

नाम हटाओ नहीं तो भुगतो, 30 अप्रैल तक का अल्टीमेटम
‘GIVE UP’ अभियान के तहत झुंझुनूं जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 अप्रैल तक जो अपात्र लोग स्वयं अपना नाम खाद्य सुरक्षा योजना से नहीं हटाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पेनल्टी भी मामूली नहीं होगी। पकड़े जाने पर हर किलो राशन पर 27 रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूलने के साथ ब्याज भी लगेगा। इतना ही नहीं, बकाया राशि संबंधित कर्मचारियों के वेतन से भी काटी जाएगी। डीएसओ डॉ. निकिता राठौड़ ने कहा, सरकार की ओर से यह आखिरी मौका है। स्वेच्छा से नाम हटाओ, वरना बाद में पछताना पड़ेगा।

किन लोगों को अपात्र माना
-सरकार ने स्पष्ट मापदंड तय कर दिए हैं:
-सरकारी या अर्द्ध सरकारी कर्मचारी
-एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार
आयकरदाता
-चार पहिया वाहन स्वामी
-एक लाख से अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी
इन सभी श्रेणियों के लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं ले सकते। फिर भी जो ले रहे हैं, उनके खिलाफ अब तेजी से अभियान चल रहा है।

झुंझुनूं में अब तक का सफाया
जिला रसद अधिकारी डॉ. निकिता राठौड़ ने बताया कि ‘ ‘GIVE UP” अभियान के तहत झुंझुनूं जिले में अब तक 2,370 राशन कार्ड और उनसे जुड़े 10,630 यूनिट्स को खाद्य सुरक्षा सूची से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा 26 जनवरी के बाद से 18,000 नए आवेदन भी प्राप्त हुए हैं, जिनकी जांच उपखंड स्तर पर चल रही है। पात्र पाए जाने पर इन्हें योजना में शामिल किया जाएगा।

आगे का अल्टीमेटम, चार पहिया वालों की खैर नहीं!
अब खाद्य विभाग ने एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। परिवहन विभाग से डेटा लेकर उन परिवारों को चिन्हित किया जाएगा जिनके पास चार पहिया वाहन हैं लेकिन फिर भी सस्ती दरों का राशन उठा रहे हैं। पकड़े जाने पर इन पर भी भारी-भरकम वसूली और सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि 30 अप्रैल के बाद आपकी जेब पर भारी भरकम बोझ पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

एक बड़ा सबक
‘GIVE UP’ अभियान ने न केवल सिस्टम में बैठे गड़बड़ी करने वालों को बेनकाब किया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि अगर आप नियमों का उल्लंघन करते हैं तो बख्शे नहीं जाएंगे। सरकार की इस सख्ती ने अपात्र लोगों में हड़कंप मचा दिया है और कई ने डर के मारे अपने आप राशन कार्ड सरेंडर करना शुरू कर दिया है।

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