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जहां कभी हुआ था अपहरण, वहां पर अडानी के करीबियों को वापसी का भरोसा

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अहमदाबाद

आम बजट से भी ज्यादा देश में इन दिनों गौतम अडानी की चर्चा हो रही है। इसकी वजह की अहमदाबाद के लोकल ब्वॉय गौतम अडानी की संपत्ति में गिरावट, लेकिन अडानी के करीबी लोगों का कहना है कि Hindenburg Research की रिपोर्ट के चलते निगेटिव सेंटीमेंट के चलते गिरावट आई है, लेकिन अडानी मजबूत वापसी करेंगे। भारत सरकार के महाराष्ट्र के बाद गुजरात देश का दूसरा ऐसा स्टेट है जहां पर सबसे ज्यादा डीमैट अकाउंट होल्डर हैं। दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स के पायदान ने 15वें स्थान पर पहुंचे गौतम अडानी को लेकर अहमदाबाद हर गली-नुक्कड़ पर चर्चा है, क्यों कि अहमदाबाद के लोगों ने अडानी की तरक्की को काफी करीब से देखा है। 60 साल के गौतम अडानी का 24 जून, 1962 को एक जैन परिवार में जन्म हुआ था। 1998 में गौतम तब पहली बार ज्यादा सुर्खियों में आए थे। जब उनका उस वक्त के शातिर गैंगेस्टर फजलू रहमान ने अपहरण कर लिया था। इसके बाद फिर गौतम अडानी का नाम अहमदाबाद के लोगों के नया नहीं रहा।

भरोसे की क्या है वजह
अडानी ग्रुप पर कारीबी लोगों के भरोसे की सबसे बड़ी वजह है इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश। गौतम अडानी ने एयरपोर्ट, पोर्ट और बिजली उत्पादन में निवेश किया है। ये निवेश के एक टकसाल है जहां से सालों तक अडानी ग्रुप को रिटर्न में रकम मिलेगी। इसके अलावा जो सबसे अहम तथ्य है वो यह है कि एयरपोर्ट से कितने यात्री आए और गए। पोर्ट पर कितने समान की आवाजाही हुई, या फिर कितनी बिजली बनी। इसमें हेराफेरी संभव नहीं है। ऐसे में ये कारोबार अडानी ग्रुप की बड़ी मजबूती है। उनके एक करीबी ने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से बातचीत में कहा कि बाजार में गिरावट निगेटिव सेंटीमेंट की वजह से है। ऐसा पहली बार हुआ जब किसी ग्रुप ने अपने पूरी तरह से सब्सक्राइब्ड एफपीओ को वापस लिया, 20 हजार करोड़ रुपये लौटाना कोई छोटी बात नहीं है।

अडानी ग्रुप की पांच बड़ी मजबूतियां
1. इनकम गर्वमेंट और पब्लिक सोर्सेस से
2. लॉग टर्म इंवेंस्टमेंट, फिर सिर्फ मेंटीनेंस
3. ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में बड़ा इंवेस्टमेंट
4. कई क्षेत्रों में अडानी ग्रुप एकाधिकार
5. 16 में से सिर्फ 1 पोर्ट ही लिस्टेड

क्या मजबूत एसेट बेस बचाएगा?
अडानी ग्रुप के शेयरों की कीमत लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट होने के बाद भी गुजरात के उनके घर अहमदाबाद में लोगों को उम्मीद है कि अडानी अपने मजबूत एसेट बेस के इस मुसीबत से बचकर बाहर आएंगे। शेयर मार्केट में कई दशक से ट्रेडिंग कर रहे एक जानकार कहते हैं कि गौतम अडानी के अंदर एक्जीक्यूशन स्किल है। उन पर कर्ज है लेकिन साथ एसेट भी हैं। अभी तक वे हर मुश्किल से लड़कर आगे बढ़े हैं।

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