21.7 C
London
Saturday, June 20, 2026
HomeUncategorizedइजरायल-हमास युद्ध से नुकसान के साथ भारत को ये फायदे भी, दवा...

इजरायल-हमास युद्ध से नुकसान के साथ भारत को ये फायदे भी, दवा इंडस्ट्री के लिए मौका-मौका

Published on

नई दिल्ली

हमास आतंकियों के हमले के बाद से इजरायल की जबावी कार्रवाई लगातार जारी है। इजरायल से तय कर लिया है कि जब तक वो हमास आतंकियों को खत्म नहीं कर देता युद्ध जारी रखेगा। युद्ध वैसे तो किसी के लिए भी अच्छा नहीं है, लेकिन इजरायल हमास के बीच जारी इस जंग से कई फायदे भी छिपे है। ग्लोबल इकॉनमी के दौर में हर देश दूसरे से लिंक है। ऐसे में जंग का असर केवल इजरायल और फिजिस्तीन तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर वैश्विक स्तर पर पड़ेगा। अगर भारत के हिसाब से देखे तो युद्ध के कारण महंगाई बढ़ेगी, लेकिन इस जंग से कुछ फायदे भी होंगे।

इजरायल युद्ध से फायदे
ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल में कई वैश्विक टेक कंपनियों के दफ्तर हैं। अगर युद्ध लंबा चला तो इन कंपनियों का परिचालन प्रभावित होगा। ऐसे में कंपनियां इजरायल से अपना कारोबार समेटकर भारत या अन्य देशों में शिफ्ट कर सकती हैं। इजरायल में 500 से ज्यादा मल्टीनेशनल कंपनियों के दफ्तर है। युद्ध की स्थिति में इन कंपनियों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी बड़ कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए अस्थाई तौर पर इजरायल में कामकाज बंद कर रखा है। अगर युद्ध लंबे समय तक चला तो ये कंपनियां इजरायल से अपना कारोबार समेटकर कहीं और शिफ्ट कर सकती है। ईटी की रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि इजरायल में अपना दफ्तर चला रही कंपनियां अपना कारोबार किसी ऐसी जगहों पर शिफ्ट कर सकती हैं, जिनका टाइम जोन इजरायल से मैच करता हो। ऐसे में भारत और पश्चिम एशियाई देश उनके लिए विकल्प बन सकते है। जिस तरह से बीते कुछ सालों से भारत विदेशी कंपनियों की पहली पसंद बनकर उभरा है, इसका फायदा उसे यहां भी मिल सकता है।

फार्मा कंपनियों को फायदा
इजरायल हमास युद्ध से भारत की फार्मा कंपनियों के लिए नए मौके खुल सकते हैं। युद्ध और तनाव के चलते पश्चिम एशिया के कई देशों के दवा उद्योगों के सामने संकट है। यूएई, बहरीन, ओमान, कतर जैसे देश आयात पर निर्भर है। युद्ध के कारण इस देशों का करीब 1 बिलियन डॉलर का दवा व्यापार प्रभावित हो सकता है। ऐसे में ये देश भारत की फार्मा इंडस्ट्री का मुंह ताक सकती है। उनके लिए ये मौका हो सकता है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इस युद्ध का भारत पर असर नहीं पड़ेगा। कच्चे तेल की कीमत में तेजी से देश में महंगाई बढ़ सकती है। आयात-निर्यात प्रभावित हो सकता है ।

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल की सौजन्य भेंट

रायपुर। रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ योग आयोग...

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पदक विजेता योग खिलाड़ियों के साथ किया योगाभ्यास

जयपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला...

फगवाड़ा में सीएम भगवंत मान का विपक्ष पर हमला, विकास कार्यों के लिए 18.57 करोड़ रुपए की घोषणा

पंजाब। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फगवाड़ा में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम में...

इंदौर में नीट छात्रा ने तीसरी मंजिल से कूदकर की खुदकुशी; तीन बार असफल होने और परीक्षा विवाद से थी डिप्रेशन में, प्रदेश में...

इंदौर। मप्र के इंदौर स्थित भंवरकुआं थाना क्षेत्र में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट...

More like this

भोपाल के रंगमंच से बॉलीवुड तक: उदय अठरौलिया की दो नई फिल्मों में दिखेंगे अभिनय के अलग रंग

भोपाल। राजधानी के रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले अभिनेता उदय...

“पति को जल्द गिरफ्तार करें, नहीं तो वह मुझे मार डालेगा”: घरेलू हिंसा की शिकार महिला ने लगाई गुहार

भोपाल। भोपाल के भीमनगर क्षेत्र की रहने वाली गीता पटेल ने अपने पति पर...

10 लेन अयोध्या बायपास परियोजना का मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण

करोंद में बार-बार पाइपलाइन टूटने पर ठेकेदार को फटकार, वसूला जाएगा मुआवजा भोपाल। प्रदेश के...