नई दिल्ली
भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि भारत 2026 तक जापान को पीछे छोड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। लेकिन, आर्थिक तरक्की और समृधि के एक प्रमुख पैरामीटर पर भारत कई मुल्कों से बहुत पीछे है। वह है कार ओनरशिप। कार मालिक होना एक ऐसा इंडिकेटर है जो हमें एक देश के विकास स्तर, जीवन शैली और कई अन्य पहलुओं के बारे में जानकारी देता है। यह और बात है कि इस पहलू पर भारत लिस्ट में बहुत नीचे दिखता है। स्टैटिस्टिका के मुताबिक, भारत में सिर्फ 7.5% लोगों के पास अपनी कार है। जबकि अमेरिका में यही आंकड़ा 91.7% है।
यूरोप और उत्तरी अमेरिका के दूसरे विकसित देशों में भी कार ओनरशिप काफी ज्यादा है। कनाडा में 85.1%, जर्मनी में 84.7% और ब्रिटेन में 84.7% लोग अपनी कार रखते हैं। यह आंकड़ा भारत के 7.5% के मुकाबले बहुत ज्यादा है। चीन में भी कार ओनरशिप भारत से बेहतर है। चीन में 23.1% लोगों के पास अपनी कार है। हालांकि, यह अमेरिका या यूरोपीय देशों जितना नहीं है। फिर भी यह भारत से काफी आगे है। इस आंकड़े से यह भी पता चलता है कि भारत में कार ओनरशिप को बढ़ाने की कितनी गुंजाइश है।
दुनिया भर में कार ओनरशिप
| देश | कार स्वामित्व का प्रतिशत |
|---|---|
| अमेरिका | 91.7% |
| कनाडा | 85.1% |
| जर्मनी | 84.7% |
| ब्रिटेन | 84.7% |
| दक्षिण कोरिया | 82% |
| जापान | 81.4% |
| ऑस्ट्रेलिया | 78.2% |
| इजरायल | 65.4% |
| यूएई | 38.2% |
| चीन | 23.1% |
| भारत | 7.5% |
कार ओनरशिप क्या दिखाता है?
कार ओनरशिप का मतलब होता है कि किसी देश या क्षेत्र में कितने लोगों के पास अपनी कार है। कार ओनरशिप कई महत्वपूर्ण सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय फैक्टर्स को दर्शाता है। यह एक ऐसा इंडिकेटर है जो हमें एक देश के विकास स्तर, लाइफस्टाइल और कई अन्य आर्थिक पहलुओं को समझने में मदद करता है।
किन आर्थिक पहलुओं का पता चलता है?
आम तौर पर एक देश की अर्थव्यवस्था जितनी मजबूत होती है, वहां कार ओनरशिप उतनी ही ज्यादा होती है। बढ़ती इनकम के साथ लोग अधिक से अधिक कार खरीदने में सक्षम होते हैं। कार ओनरशिप आधुनिक लाइफस्टाइल का प्रतीक माना जाता है। यह सुविधा, आराम और स्वतंत्रता का प्रतीक है। शहरी क्षेत्रों में कार ओनरशिप ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक होती है। शहरी क्षेत्रों में लोगों को काम, शिक्षा और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक दूरी तय करनी होती है। इसके लिए कार एक सुविधाजनक विकल्प होता है। अच्छे सड़कों और परिवहन के बुनियादी ढांचे वाले देशों में कार ओनरशिप अधिक होती है। कार ओनरशिप बढ़ने के साथ वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और अन्य पर्यावरणीय समस्याएं भी बढ़ती हैं।
