20.4 C
London
Saturday, April 25, 2026
HomeUncategorizedआईफोन की सबसे बड़ी फैक्ट्री में कोरोना का कहर, चीन ने रिटायर...

आईफोन की सबसे बड़ी फैक्ट्री में कोरोना का कहर, चीन ने रिटायर फौजियों को बुलाया

Published on

नई दिल्ली

चीन ने कोरोना के प्रकोप से बचने के लिए देश के कई इलाकों में सख्त लॉकडाउन लगा रखा है। इससे देश में आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसमें आईफोन का प्रॉडक्शन भी शामिल है। चीन के झेंगझू में आईफोन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री है। दुनिया के 70 फीसदी आईफोन इसी फैक्ट्री में काम करते हैं। लेकिन कोरोना लॉकडाउन के कारण इस फैक्ट्री में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब चीन के सरकार ने इस फैक्ट्री में प्रॉडक्शन बढ़ाने के लिए पूर्व फौजियों को बुलाया है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के वेटरन अफेयर्स ब्यूरो ने रिटायर हो चुके सैनिकों से इस काम में मदद करने को कहा है।

बीबीसी के एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्यूरो ने मैसेजिंग एप WeChat पर एक ओपन लेटर पोस्ट किया है। इसमें कहना है कि पूर्व फौजी हमेशा से कम्युनिस्ट पार्ट की कमान में रहे हैं। अब देश को उनकी एक बार फिर जरूरत है। संकट की इस घड़ी में उन्हें देश की मदद करनी चाहिए। एपल (Apple) के लिए ठेके पर आईफोन बनाने वाली ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) की चीन में कई कंपनियां हैं। एक करोड़ की आबादी वाले झेंगझू में आईफोन बनाने वाली फैक्ट्री में 200,000 से अधिक वर्कर्स काम करते हैं। यहां रोजाना 500,000 से अधिक फोन बनते हैं। यह संख्या पूरी दुनिया में बनने वाले आईफोन का 70 फीसदी है।

कोरोना का कहर
चीन में इस साल की शुरुआत में आई कोरोना की एक लहर के कारण फॉक्सकॉन की कुछ फैक्ट्रियों को बंद कर दिया गया था। उनमें अब भी कामकाज पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है। प्रॉडक्शन बनाए रखने के लिए झेंगझू की फैक्ट्री को इस साल की शुरुआत से ही कोविड बबल में रखा गया है। स्टाफ में किसी को भी कोरोना होने पर उसके फैक्ट्री में ही बने क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया जाता है। लेकिन इसके बावजूद वर्कर्स में कोरोना का प्रकोप बंद नहीं हुआ है। अक्टूबर में फैक्ट्री में कोरोना के कुछ मामले पाए गए थे। तब झेंगझू के कुछ डिस्ट्रिक्ट्स में लॉकडाउन की घोषणा की गई थी।

हालांकि यह साफ नहीं है कि फॉक्सकॉन की फैक्ट्री में कुल कितने वर्कर्स कोरोना से संक्रमित हैं। फैक्ट्री में कोरोना फैलने से वहां अफरातफरी मच गई थी। सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो आए थे जिनमें देखा जा रहा था कि कई वर्कर्स फैक्ट्री की दीवारों को फांदकर वहां से भागने की कोशिश कर रहे हैं। कई वर्कर्स को सड़कों पर पैदल चलते देखा गया था क्योंकि वहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध नहीं था। इससे फैक्ट्री में कामकाज प्रभावित हुआ है। रिसर्च ग्रुप ट्रेंडफोर्स के मुताबिक फैक्ट्री में केवल दो-तिहाई उत्पादन हो रहा है।

10 हजार वर्कर्स की जरूरत
चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक फैक्ट्री में 10 हजार अतिरिक्त वर्कर्स की जरूरत है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फॉक्सकॉन ने स्थानीय सरकार से कहा है कि हर गांव से कम से कम एक आदमी को फैक्ट्री में काम करने के लिए भेजा जाए। झेंगझू में फॉक्सकॉन सबसे बड़ा एम्प्लॉयर है। सितंबर 2022 तक कंपनी ने वहां से 261 अरब युआन से अधिक के प्रॉडक्ट्स एक्सपोर्ट किए थे।

Latest articles

मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय मजदूर संघ ने किया सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश श्रम एव पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय...

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...