नई दिल्ली,
भारतीय शेयर बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और हर दिन नया ऑल टाइम हाई लेवल छू रहा है. अब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (Sensex) 75 हजारी हो गया है. मंगलवार को स्टॉक मार्केट ओपन होने के साथ ही इस इंडेक्स ने पहली बार 75000 का आंकड़ा पार करके इतिहास रच दिया. सेंसेक्स की जर्नी पर नजर डालें तो आज से 20 साल पहले यानी साल 2004 में ये महज 5,000 के आस-पास था, जो आज 75हजारी हो चुका है. इस दौरान ने 2008 की आर्थिक मंदी का सामना किया, तो वहीं 2020-21 में कोरोना का भयानक प्रकोप झेला. इन संकटों से बाहर निकलते हुए सेंसेक्स ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं और आज नए मुकाम पर पहुंच गया है.
बाजार खुलते ही रच दिया इतिहास
सबसे पहले बात करें सेंसेक्स के आज के कारोबार के बारे में चैत्र नवरात्रि 2024 (Chaitra Navratri 2024) के पहले दिन मंगलवार को शानदार ग्लोबल संकेतों के बीच Stock Market में जोरदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुआ. बीएसई का सेंसेक्स सुबह 9.15 बजे पर पहली बार 75000 का आंकड़ा पार करते हुए 75,124.28 के स्तर पर ओपन हुआ और ये इसका ऑल टाइम हाई लेवल है. बीते कारोबारी दिन BSE Sensex 74,742.50 के लेवल पर क्लोज हुआ था.
2006 में 10हजारी हुआ करता था सेंसेक्स
Sensex के इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो साल 2004 में ये 5,000 के आस-पास था, लेकिन 2006 के फरवरी महीने में ये 10,000 के स्तर पर पहुंच गया और इसके एक साल बाद यानी 2007 के अंत में 20,000 तक पहुंचा था. लेकिन इसके बाद सेंसेक्स की रफ्तार धीमी रही और 20 से 30 हजार के दायरे में आने के लिए लंबा समय लगा. करीब 7 साल बाद जब केंद्र की सत्ता में नरेंद्र मोदी सरकार आई, उस समय सेंसेक्स 25000 के आस-पास बना हुआ था.
2014 के बाद से ऐसी पकड़ी रफ्तार
साल 2014 में सेंसेक्स 25,000 के दायरे में कारोबार करता हुआ आगे बढ़ने लगा और 26 अप्रैल 2017 को इसने 30,000 का स्तर पार कर लिया. इसके बाद जून 2019 की शुरुआत में ये 10,000 अंक की बढ़त के साथ 40,000 के पार निकल गया. फिर फरवरी 2021 आते-आते पहली बार Sensex 50000 के स्तर पर पहुंचा. इसके बाद तो ये रॉकेट की रफ्तार से भागता हुआ महज 158 दिन बाद 24 सितंबर 2021 को पहली बार 60हजारी बना.
60000 से बढ़कर 70000 के स्तर तक पहुंचने में Sensex ने 548 कारोबारी दिनों का समय लिया और अब 09 अप्रैल 2024 को शेयर बाजार नए मुकाम पर पहुंच गया है और सेंसेक्स 75,000 के लेवल को पार कर गया है. एक्सपर्ट्स इसके जल्द 80,000 के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद जता रहे हैं.
आर्थिक मंदी से कोरोना महामारी तक बड़े संकट झेले
कैलेंडर वर्ष 2004 भारतीय सूचकांकों के लिए एक सबसे उतार-चढ़ाव भरा साल माना जाता है. एक ओर जहां साल 2004 की शुरुआत में Sensex 6,000 के दायरे में काम कर रहा था, तो वहीं मई महीने में ये बिखरकर 5,000 के नीचे पहुंच गया और 15 मई 2004 के आस-पास ये 4,300 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आ रहा था.
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान साल 2008 में जब देश आर्थिक मंदी की जद था, जब शेयर बाजार ने भी बुरा दौर देखा था. 1 जनवरी 2007 को सेंसेक्स 20,325 के स्तर पर था, लेकिन उस साल के अंत में यानी 31 दिसंबर 2008 को ये 9,647 के लेवल पर बंद हुआ था. इस साल बाजार 10,678 अंक तक टूट गया था.
वहीं मोदी सरकार में भी जहां सेंसेक्स ने एक के बाद एक कई कीर्तिमान स्थापित किए, तो साल 2020 में कोरोना महामारी की दस्तक के साथ इसने एक बार फिर आर्थिक मंदी जैसे बुरे दौर का सामना किया. इस साल सेंसेक्स में एक-दो नहीं बल्कि करीब 14 बार 1,000 अंक से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. यहां तक कि बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स मार्च, 2020 में को अपने फिर से टूटकर 25000 के आस-पास पहुंच गया था.
कोरोना काल में सेंसेक्स में कब-कब आईं बड़ी गिरावट
| तारीख | वर्ष | गिरावट |
| 12 मार्च | 2020 | 2919 अंक |
| 16 मार्च | 2020 | 2713 अंक |
| 23 मार्च | 2020 | 3934 अंक |
| 4 मई | 2020 | 2002 अंक |
| 18 मई | 2020 | 1068 अंक |
| 26 फरवरी | 2021 | 1939 अंक |
| 12 अप्रैल | 2021 | 1707 अंक |
| 26 नवंबर | 2021 | 1687 अंक |
हालांकि, साल 2008 की आर्थिक मंदी हो या फिर साल 2020-21 में कोरोना महामारी का प्रकोप, रोलरकोस्टर की सवारी करते हुए तमाम उतार-चढ़ाव देखते हुए Sensex आगे बढ़ता रहा और मंदी के असर से उबरते हुए और कोरोना के बाद अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ता रहा. इसका लोहा पूरी दुनिया ने माना.
Nifty भी नए मुकाम पर पहुंचा
सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty50) भी कदम से कदम मिलाकर नए हाई लेवल छूते जा रहा है. मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को जहां Sensex 75000 के स्तर को पार कर गया, तो मार्केट खुलने के साथ तूफानी तेजी से भागते हुए निफ्टी ने भी 22,700 का स्तर पार करते हुए 22,765.10 का नया All Time High लेवल छू लिया.
