नई दिल्ली
अडानी ग्रुप के शेयरों में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। इससे कंपनी के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ में छह अरब डॉलर यानी करीब 50,000 करोड़ रुपये की भारी गिरावट आई। यह रकम आर्थिक संकट से गुजर रहे पाकिस्तान के दो महीने के आयात के लिए पर्याप्त है। अमेरिका की शॉर्ट-सेलिंग फर्म Hindenburg Research की एक निगेटिव रिपोर्ट के कारण अंबानी ग्रुप के शेयरों में 10 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली। हालांकि अडानी ग्रुप ने इस रिपोर्ट को झूठ का पुलिंदा बताया है। इस साल अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट आई है। पिछले साल ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 125 फीसदी तेजी आई थी जबकि दूसरे कंपनियों के शेयर 100 फीसदी से अधिक चढ़े थे। लेकिन इसके बावजूद कम ही एनालिस्ट अडानी ग्रुप के शेयरों को कवर करते हैं।
Hindenburg Research की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की अकाउंटिंग और कॉरपोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठाए गए हैं। इस रिपोर्ट के आने के बाद सबसे ज्यादा नुकसान में अंबूजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) का शेयर रहा। इसमें 9.6 फीसदी गिरावट आई। इसके अलावा एसीसी (ACC), अडानी पोर्ट्स (Adani Ports), अडानी पावर (Adani Power) और अडानी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) में कम से कम पांच फीसदी गिरावट रही। अडानी ग्रुप ने हाल में मीडिया कंपनी एनडीटीवी को खरीदा था। इसमें भी पांच फीसदी गिरावट देखने को मिली।
कितनी रह गई नेटवर्थ
फोर्ब्स की रियल टाइम बिलिनेयर लिस्ट के मुताबिक अडानी की नेटवर्थ में बुधवार को 5.9 अरब डॉलर की गिरावट आई। इसके बावजूद वह फ्रांस के बर्नार्ड आरनॉल्ट (Bernard Arnault) और टेस्ला के एलन मस्क (Elon Musk) के बाद दुनिया के सबसे अमीर बने हुए हैं। उनकी नेटवर्थ 119.5 अरब डॉलर है। इस लिस्ट में अडानी ऐमजॉन (Amazon) के जेफ बेजोस (Jeff Bezos) और दिग्गज इनवेस्टर वॉरेन बफे (Warren Buffett) से आगे हैं। अडानी ने बुधवार को जितनी राशि गंवाई, वह पाकिस्तान के दो महीने के आयात के लिए काफी थी। पाकिस्तान आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहा है।
