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कैसे भरेगा गरीबों का पेट! देश में गेहूं का स्टॉक रह गया है आधा

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नई दिल्ली

अक्टूबर में महंगाई में कुछ गिरावट आई है लेकिन खाने-पीने की चीजों खासकर गेहूं की कीमत में आने वाले दिनों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। सरकारी गोदामों में गेहूं का भंडार एक साल पहले की तुलना में आधा रह गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी गोदामों में इस महीने की शुरुआत में 2.1 करोड़ टन गेहूं का स्टॉक था जो पिछले साल एक नवंबर को 4.2 करोड़ टन था। हालांकि यह आधिकारिक लक्ष्य से थोड़ा ऊपर है। सरकार ने 31 दिसंबर को खत्म होने वाली तिमाही के लिए इसके 2.05 करोड़ टन रहने का लक्ष्य रखा था। एक अक्टूबर को सरकारी गोदामों में 2.27 करोड़ टन गेहूं था। सरकार ने बढ़ती कीमत पर लगाम लगाने के लिए गेहूं रिलीज किया था। शायद इसी वजह से सरकारी भंडार में कमी आई है। सरकार समय-समय पर बल्क यूजर्स के लिए गेहूं का स्टॉक जारी करती रहती है। इनमें आटा मिल और बिस्कुट बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं।

भारत दुनिया में गेहूं का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। मई में बढ़ती कीमत पर काबू पाने के लिए सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी। तबसे देश में गेहूं की कीमत में 27 फीसदी बढ़ोतरी हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि नई फसल के आने तक गेहूं की कीमत नीचे आने की उम्मीद नहीं है। नई फसल मार्च-अप्रैल में आएगी। इस साल गेहूं की पैदावार में गिरावट आई थी। लेकिन अगले साल इसमें एक बार फिर तेजी की उम्मीद की जा रही है। देश में गेहूं की बुवाई एक अक्टूबर से शुरू हो चुकी है।

गेहूं का रकबा
अगर मौसम अनुकूल रहता है और मार्च-अप्रैल के दौरान तापमान में बेतहाशा बढ़ोतरी नहीं होती है तो देश में गेहूं का उत्पादन 2021 के स्तर तक पहुंच सकता है। तब देश में 10.959 करोड़ टन गेहूं हुआ था। ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश का गेहूं का रकबा 45 लाख हेक्टेयर पहुंच चुका है जो पिछले साल के मुकाबले 9.7 फीसदी अधिक है। देश में गेहूं की कीमत गुरुवार को 26,500 रुपये टन के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। मई में गेहूं के निर्यात पर बैन लगने के बाद से इसमें 27 फीसदी तेजी आ चुकी है।

हालांकि सरकार का कहना है कि अभी चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि सरकार के पास अपने गोदामों में गेहूं और चावल दोनों का संतोषजनक भंडार है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अध्यक्ष अशोक के मीणा ने हाल में कहा था कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और अन्य कल्याणकारी आवश्यकताओं के लिए मुफ्त अनाज की आपूर्ति के बाद भी एक अप्रैल, 2023 तक गेहूं और चावल का अनुमानित स्टॉक सामान्य बफर मानदंडों से बहुत अधिक होगा।

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