नई दिल्ली,
अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भारत को झटका लगा है. दरअसल, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने देश की विकास दर के अनुमान को संशोधित करते हुए इसे पूर्वानुमान की तुलना में घटा दिया है. वैश्विक निकाय ने कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की ग्रोथ रेट 6 फीसदी से कम रह सकती है. अनुमान घटाने के लिए आईएमएफ ने बड़ी वजह भी बताईं हैं.
रिपोर्ट में कटौती का ये कारण बताया
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने अपने वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की विकास दर के अनुमान को 5.9 फीसदी कर दिया है. इससे पहले 6.1 फीसदी का अनुमान लगाया गया था. आईएमएफ ने आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि लंबे समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukrain War) और कोरोना महामारी के कारण कमजोर हुई वित्तीय सेहत और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़े विपरीत प्रभाव के चलते विकास दर के अनुमान में कटौती की गई है.
विश्व बैंक और एडीबी ने जताया है ये अनुमान
आईएमएफ ने कहा है कि आर्थिक हालातों से ग्लोबल इकोनॉमी पर जो असर हुआ है, उसके चलते मिड टर्म में ग्रोथ की संभावनाएं कमजोर नजर आ रही हैं. IMF का ताजा अनुमान अन्य मल्टीलेट्रल डेवेलपमेंट बैंकों की तुलना में सबसे कम है. इससे पहले विश्व बैंक (World Bank) ने 2023-24 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.3 फीसदी और एशियन डेवेलपमेंट बैंक (ADB) ने 6.4 फीसदी की गति से बढ़ने के अनुमान जताया है. इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 2023 के लिए ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ के अपने अनुमान को 2.9 फीसदी से कम कर दिया है.
चीन से ज्यादा रहेगी भारत की विकास दर
रिपोर्ट में चीन की विकास दर 2023 में 5.2 फीसदी और 2024 में 4.5 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि 2022 में इसकी विकास दर 3 फीसदी थी. अपनी वार्षिक रिपोर्ट में, आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस वर्ष 2.8 फीसदी और 2024 में 3 फीसदी की दर से बढ़ेगी, ये आंकड़ा जनवरी में जारी किए गए पूर्वानुमान से प्रत्येक में 10 बेसिस प्वाइंट कम है.
देश में महंगाई को लेकर ये अनुमान
वित्त वर्ष 2025 के लिए आईएमएफ ने अपने अनुमान को कम करते हुए अब 6.3 फीसदी कर दिया है. हालांकि, ग्रोथ रेट आउटलुक में इस कटौती के बावजूद, भारत अगले दो वर्षों में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी. IMF ने देश की महंगाई दर को चालू वित्त वर्ष में 4.9 फीसदी और अगले वित्त वर्ष में 4.4 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया है. इसके विपरीत बीते दिनों नए वित्त वर्ष की पहली MPC बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महंगाई दर के अनुमान को 5.2 फीसदी रखा था, जो आईएमएफ के अनुमान से ज्यादा है.
आईएमएफ के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में भारत के करेंट अकॉउंट डेफिसिट (CAD) के अनुमान को जीडीपी के 2.6 फीसदी से घटाकर 2.2 फीसदी किया गया है. इसके अलावा Purchasing Power Parity के मामले में प्रति व्यक्ति प्रोडक्शन में भारत की वृद्धि वित्त वर्ष 2023 में 5.8 फीसदी से कम करते हुए 4.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है.
