5.5 C
London
Sunday, March 22, 2026
HomeUncategorizedअमेरिका में बसे भारतीयः सबसे ज्यादा कमाते हैं भारतवंशी, कमाई में अमेरिकियों...

अमेरिका में बसे भारतीयः सबसे ज्यादा कमाते हैं भारतवंशी, कमाई में अमेरिकियों से भी हैं आगे

Published on

नई दिल्ली,

इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सांसद रिच मैककॉर्मिक ने सदन को बताया कि भारतवंशी अमेरिकियों की आबादी महज एक फीसदी है, लेकिन वो करीब 6 फीसदी टैक्स का भुगतान करते हैं.ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अमेरिका में बसे भारतीय कितना कमा लेते हैं? तो इसका जवाब है- सबसे ज्यादा. अमेरिकियों से भी ज्यादा.दिलचस्प बात ये है कि अमेरिका में भारतवंशी सबसे ज्यादा कमाई करने वाला जातीय समूह है. उनसे ज्यादा तो चीनी, पाकिस्तानी और जापानी मूल के अमेरिकी भी नहीं कमाते. खुद अमेरिकी नागरिकों की भी इतनी कमाई नहीं है.

कितना कमा लेते हैं?
अमेरिकी सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां बसे भारतीय परिवारों की सालाना औसत आय 1.38 लाख डॉलर है. जबकि, अमेरिकी अमेरिकी परिवारों की औसत आय 69,717 डॉलर है. यानी, अमेरिकियों से भी दोगुनी कमाई भारतवंशियों की है.भारतवंशियों के बाद ताइवान मूल के अमेरिकी सबसे ज्यादा कमाते हैं. ताइवानी-अमेरिकी परिवारों की औसत आय 1.17 लाख डॉलर है. फिर फिलीपीनी मूल के लोग आते हैं, जिनके परिवार की सालाना औसत आय 96,883 डॉलर है.

एक दिलचस्प बात ये भी है कि अमेरिका में रह रहे चीनी मूल के लोगों से ज्यादा कमाई तो पाकिस्तानी मूल के लोगों की है. पाकिस्तानी मूल का परिवार सालाना औसतन 95,747 डॉलर की कमाई करता है. जबकि, चीनी मूल के परिवार की सालाना औसतन कमाई 91,881 डॉलर है.

अमेरिका में बसे दूसरे मूल के परिवारों की सालाना औसत आय

भारतीय 1,38,418 डॉलर
ताइवानी 1,17,652 डॉलर
फिलीपीनी 96,883 डॉलर
पाकिस्तानी 95,747 डॉलर
श्रीलंकाई 94,034 डॉलर
चीनी 91,881 डॉलर
जापानी 90,566 डॉलर
इंडोनेशियाई 86,751 डॉलर
कोरियाई 83,354 डॉलर
वियतनामी 78,845 डॉलर

Source: US Census Bureau

पर ऐसा क्यों?
अनुमान है कि अमेरिका में 2.35 करोड़ लोग एशियाई मूल के हैं. सबसे ज्यादा 52 लाख नागरिक चीनी मूल के हैं. दूसरे नंबर पर भारतवंशी हैं. अमेरिका में भारतवंशियों की आबादी लगभग 48 लाख है. इनमें 16 लाख से ज्यादा वीजा होल्डर हैं. जबकि 10 लाख से ज्यादा ऐसे हैं जिनका जन्म ही अमेरिका में हुआ है.

अमेरिकियों से भी ज्यादा भारतवंशियों की कमाई की एक वजह पढ़ाई भी हो सकती है. आंकड़ों के मुताबिक, 79 फीसदी से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी के पास ग्रेजुएशन की डिग्री हैं. जबकि, सिर्फ अमेरिका के सिर्फ 28 फीसदी नागरिक ही ग्रेजुएट हैं. इतना ही नहीं, रिच मैककॉर्मिक का कहना है कि अमेरिका में हर पांच में से एक डॉक्टर भारतीय मूल का है.

आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने जनवरी में ट्विटर (अब X) पर भारतवंशियों की सबसे ज्यादा कमाई के तीन कारण गिनाए थे. गोयनका ने बताया था कि भारतीय इसलिए सबसे ज्यादा कमाते हैं क्योंकि हम सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं. दूसरा कारण ये है कि हम कड़ी मेहनत करते हैं. और तीसरा कारण कि भारतीय आईटी, इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे प्रोफेशन से जुड़े हैं.

Latest articles

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

भोपाल सहित प्रदेशभर में मनाई गई ईद-उल-फितर, मस्जिदों में अदा हुई नमाज

भोपाल: पवित्र महीने Ramadan के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को Eid al-Fitr...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का पूजन, हनुमान चालीसा एवं श्री गुरु गीता का सामूहिक पाठ आयोजित

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...