भोपाल। राजधानी इस समय 43 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी और बिजली-पानी के दोहरे संकट से जूझ रही है। रात के समय जहां 50 से अधिक इलाकों में बिजली गुल हो रही है, वहीं मेट्रो और 10-लेन अयोध्या बायपास निर्माण के कारण पानी की लाइनें लगातार फूट रही हैं। ताजा मामला करोंद चौराहे का है, जहां गुरुवार सुबह मेट्रो प्रोजेक्ट की खुदाई के दौरान कोलार पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
इसके चलते करोंद, एलआईजी, नारियलखेड़ा, पिंजोमल, चौकसे नगर, जेपी नगर, आरिफ नगर, डीआईजी चौराहा, रेशम केंद्र और टीला जमालपुरा समेत पुराने भोपाल के एक बड़े हिस्से की जलप्रदाय व्यवस्था ठप हो गई है और शुक्रवार को करीब एक लाख की आबादी को पानी नहीं मिल सकेगा। पिछले 15 दिनों में मेट्रो और एनएचएआई की खुदाई के चलते यह 14वीं बार पाइपलाइन टूटी है। पानी की किल्लत से परेशान जनता की शिकायत पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे करोंद इलाके में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जिला प्रशासन, नगर निगम, एनएचएआई और मेट्रो कॉरपोरेशन के अधिकारी भी मौजूद थे।
मंत्री सारंग ने ठेकेदारों की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियां आपसी समन्वय और योजना (प्लान) के तहत काम करें ताकि जनता को परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक लाइन पूरी तरह सुधर नहीं जाती, तब तक प्रभावित इलाकों में नगर निगम के टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इधर, नगर निगम ने बार-बार हो रही इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम के अनुसार, निर्माण एजेंसियों को काम शुरू करने से पहले पानी और सीवेज लाइन शिफ्ट करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन नियमों का उल्लंघन कर सीधे खुदाई की जा रही है, जिससे निगम को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
अकेले एनएचएआई ने पिछले 15 दिनों में अयोध्या बायपास पर 12 बार पाइपलाइन तोड़ी है। बार-बार लाइन क्षतिग्रस्त होने की इस घटना पर नगर निगम अब मेट्रो प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ-साथ भारी जुर्माने की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
