नई दिल्ली
कर्ज में फंसी फ्यूचर रिटेल को खरीदने के लिए रिलायंस रिटेल, अडानी ग्रुप के जॉइंट वेंचर अप्रैल मून रिटेल समेत 11 अन्य कंपनियां संभावित बोलीदाताओं की अंतिम सूची में शामिल हैं। फ्यूचर रिटेल लि. (एफआरएल) के समाधान पेशेवर की ताजा जानकारी के अनुसार ये कंपनियां संबंधित शेयरधारकों से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद संभावित समाधान आवेदनकर्ताओं की अंतिम सूची में शामिल हुई हैं। रिलायंस रिटेल और अप्रैल मून रिटेल के अलावा बोलीदाताओं में कैपरी ग्लोबल होल्डिंग्स, धर्मपाल सत्यपाल, नलवा स्टील एंड पावर, शालीमार कॉर्प, एसएनवीके हॉस्पिटैलिटी एंड मैनेजमेंट, यूनाइटेड बायोटेक और डब्ल्यूएच स्मिथ ट्रैवल शामिल हैं। अपडेटेड जानकारी के मुताबिक 10 नवंबर, 2022 को जारी संभावित समाधान आवेदनकर्ताओं की सूची जारी होने के बाद कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। यह कंपनी इनसॉल्वेंसी रेजॉल्यूशन के दौर से गुजर रही है। संभावित खरीदारों के लिये रुचि पत्र जमा करने की अंतिम तिथि तीन नवंबर थी।
देश के दो सबसे बड़े रईस गौतम अडानी और मुकेश अंबानी तेजी से अपना कारोबार फैलाने में लगे हैं। यही वजह है कि उन्होंने किशोर बियाणी की कंपनी फ्यूचर रिटेल को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। यह कंपनी इनसॉल्वेंसी रेजॉल्यूशन के दौर से गुजर रही है। इससे पहले खबर आई थी कि अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने रेजॉल्यूशन प्रोफेशनल को एक नोटिस भेजकर कहा है कि उसका फ्यूचर ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी पर 5,300 करोड़ रुपये का बकाया है। अडानी की कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग लिमिटेड और फ्लेमिंगो ग्रुप ने इसके लिए एक जॉइंट वेंचर अप्रैल मून रिटेल बनाया है।
रिलायंस और फ्यूचर का सौदा
फ्यूचर रिटेल के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने कहा था कि संभावित बिडर्स की लिस्ट 20 नवंबर को जारी होगी। इसके बाद 15 दिसंबर तक रिजॉल्यूशन प्लान सौंपना होगा जो एक बाइंडिंग बिड होगी। फ्यूचर रिटेल के पास बिग बाजार, Foodhall और Easy Day जैसे स्टोर्स ब्रांड हैं। अभी कंपनी देश में करीब 300 स्टोर्स चला रही है। इनमें 30 बड़े फॉर्मेट और 272 छोटे फॉर्मेट वाले स्टोर शामिल हैं। हालांकि हाल में इन स्टोर्स में फुटफॉल में भारी गिरावट आई है।
रिलायंस रिटेल वेंचर्स ने अगस्त 2020 में फ्यूचर ग्रुप के रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग बिजनस को खरीदने के लिए 24,713 करोड़ रुपये की एक डील की थी। लेकिन अमेरिका की दिग्गज कंपनी ऐमजॉन ने इस डील का विरोध किया था। इस साल अप्रैल में रिलायंस ने इस डील से किनारा कर लिया था। डील की घोषणा होने के बाद रिलायंस ने फ्यूचर को अपना कामकाज चलाने के लिए कुछ फाइनेंशियल मदद दी थी। लेकिन फरवरी में रिलायंस ने फ्यूचर रिटेल के 950 से अधिक स्टोर बंद कर दिए थे। रेंट पेमेंट्स में डिफॉल्ट के बाद रिलायंस ने ऐसा किया था। इसके बाद रिलायंस ने इन लोकेशंस में अपना स्टोर शुरू कर दिया।
