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Wednesday, April 29, 2026
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अब नाबालिग भी खोल सकते हैं एनपीएस खाता, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया लॉन्च, जानिए सबकुछ

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नई दिल्ली

अब नाबालिग यानी 18 साल से छोटे बच्चों का भी नेशनल पेंशन स्कीम या एनपीएस में खाता खुलवाया जा सकता है। जी हां, निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) वात्सल्य शुरू करने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) के साथ हाथ मिलाया है। यह18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने पर केंद्रित योजना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने के केंद्रीय बजट के दौरान इसकी घोषणा की थी। आज यहां आयोजित एक कार्यक्रम में इस योजना की लॉन्चिंग कर दी गई। इस अवसर पर सीतारमण ने हैदराबाद की लांबा कर्णम आदित्री को एक प्रतीकात्मक स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) प्रदान की, जिन्हें एक्सिस बैंक द्वारा चुना गया था। माना जा रहा है कि यह पहल बच्चों के लिए दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा की योजना बनाने में परिवारों को सशक्त बनाएगा।

भविष्य की चिंता बचपन से ही
यह नया कार्यक्रम भारत की पेंशन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका उद्देश्य बच्चों के वित्तीय भविष्य की सुरक्षा के लिए जल्दी शुरुआत करना है। इस योजना का प्रबंधन पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) करेगा।

एनपीएस वात्सल्य क्या है
एनपीएस वात्सल्य माता-पिता को पेंशन खाते में निवेश करके अपने बच्चों के भविष्य के लिए बचत करने और चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति के साथ दीर्घकालिक धन सुनिश्चित करने की अनुमति देगा। एनपीएस वात्सल्य लचीले योगदान और निवेश विकल्प प्रदान करता है, जिससे माता-पिता बच्चे के नाम पर सालाना 1,000 रुपये का निवेश कर सकते हैं, इस प्रकार यह सभी आर्थिक पृष्ठभूमि के परिवारों के लिए सुलभ है।

18 साल के बाद क्या होगा
यह खाता तो नाबालिग के नाम पर खोला जाएगा इसलिए इसमें अभिभावक द्वारा संचालित करने की व्यवस्था की गई है। इस योजना का एकमात्र लाभार्थी वही नाबालिग होगा, जिसके नाम यह खाता खोला गया है। जिसके नाम पर यह खाता खोला गया है, उसके 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर, इस खाते को NPS टियर – I में आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है।

निवेश की सभी सुविधा का मिलेगा लाभ
एनपीएस वात्सल्य योजना में भी ऑटो चॉइस / एक्टिव चॉइस के माध्यम से निवेश की सभी सुविधाओं का उपयोग किया जा सकता है। शुरुआती निवेश को प्रोत्साहित करके और एक संरचित बचत योजना प्रदान करके, एनपीएस वात्सल्य का उद्देश्य युवा व्यक्तियों के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार बनाना है। यह अभिनव दृष्टिकोण न केवल यह सुनिश्चित करता है कि बच्चों को समय के साथ अनुशासित बचत और चक्रवृद्धि का लाभ मिले, बल्कि कम उम्र से ही वित्तीय जिम्मेदारी की भावना भी पैदा हो।

एनपीएस वात्सल्य से निकासी हो सकती है?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट के अनुसार: ‘शिक्षा, निर्दिष्ट बीमारी और विकलांगता के लिए 3 साल की लॉक-इन अवधि के बाद अंशदान का 25% तक निकासी की अनुमति है, वह भी अधिकतम तीन बार। हालांकि बच्चे के 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर निकासी की अनुमति है।

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