12.4 C
London
Thursday, April 2, 2026
HomeUncategorizedGoogle के अंत की शुरुआत! जिस एग्रीमेंट ने बनाया बादशाह, टूटा तो...

Google के अंत की शुरुआत! जिस एग्रीमेंट ने बनाया बादशाह, टूटा तो क्या होगा?

Published on

नई दिल्ली,

Google की पैरेंट कंपनी Alphabet Inc के लिए इस हफ्ते की शुरुआत अच्छी नहीं रही है. कंपनी के शेयर में सोमवार को लगभग 4 परसेंट तक की गिरावट दर्ज की गई और ये अभी भी जारी है. अल्फाबेट के शेयर में गिरावट की शुरुआत एक खबर से हुई थी. रिपोर्ट आई थी कि सैमसंग अपने फोन्स से गूगल को डिफॉल्ट सर्च इंजन से रिमूव कर सकता है.

Samsung के फोन में फिलहाल डिफॉल्ट सर्च इंजन Google है, लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो ब्रांड इसे Microsoft Bing से रिप्लेस कर सकता है. इस खबरे के आने बाद गूगल की पैरेंट कंपनी के शेयर में गिरावट आई है. मगर Samsung के लिए ऐसा कर पाना आसान नहीं होगा. कम से कम अमेरिकी मार्केट में तो ऐसा ही है.

Twitter पर Andreas Proschofsky ने इस दावे को लेकर एक पॉइंट उठाया. उनके मुताबिक सभी एंड्रॉयड OEMs को मोबाइल ऐप्लिकेशन डिस्ट्रिब्यूशन एग्रीमेंट (MADA) साइन करना होता है.ये एग्रिमेंट Google Play Store को लेकर होता है. अगर कोई मोबाइल मैन्युफैक्चर्र अपने फोन में Google Play Store और दूसरे Google Apps चाहता है, तो उन्हें ये एग्रीमेंट साइन करना होगा.

इस एग्रीमेंट के तहत एंड्रॉयड स्मार्टफोन मेकर्स को Google Search को डिफॉल्ट सर्च इंजन बनाना होगा. ऐसे में अगर सैमसंग गूगल प्ले स्टोर अपने फोन्स में चाहती है, तो उसे Google को डिफॉल्ट सर्च इंजन रखना होगा. वो माइक्रोसॉफ्ट बिंग पर स्विच नहीं कर सकती है.

कैसे पलट जाएगी पूरी कहानी?
इस कहानी में ट्विस्ट इसलिए आया क्योंकि MADA रूल हर जगह लागू नहीं होता है. यूरोप ने साल 2018 में गूगल पर 5 अरब डॉलर का एंटी-ट्रस्ट फाइन लगाया. ऐसे में यूरोप में कंपनी गूगल ऐप्स और प्ले स्टोर के साथ गूगल सर्च और क्रोम को डिफॉल्ट सर्च इंजन और ब्राउजर बनाने के लिए फोर्स नहीं कर सकती है.

ऐसा ही कुछ भारत में भी होता दिख रहा है. भारत ने भी गूगल पर कंपटीशन खत्म करने को लेकर फाइन लगाया था. इतना ही नहीं भारत में भी यूरोप की तरह ही गूगल नया एग्रीमेंट ला रहा है.इसके तहत किसी भी एंड्रॉयड फोन में सिर्फ Google Play Store प्री-इंस्टॉल्ड रहेगा. इसके अलावा यूजर्स के पास डिफॉल्ट ब्राउजर चुनने की आजादी होगी.

…तो गूगल को उल्टा देने होंगे पैसे?
ऐसे में अगर Samsung अपने फोन्स में Bing को डिफॉल्ट सर्च ब्राउजर दुनियाभर में नहीं बना सकती है. इसके बाद भी गूगल के लिए रिस्क बना हुआ है. ऐसे देश जहां MADA गूगल के वर्जन से अलग है.वहां कंपनी को डिफॉल्ट सर्च इंजन Google को बनाए रखने के लिए स्मार्टफोन कंपनियों को पैसे देने होंगे. ऐसे में सैमसंग और दूसरे ब्रांड्स Bing या फिर किसी दूसरे ऑप्शन को डिफॉल्ट सर्च इंजन बना सकते हैं.

Latest articles

सिग्नलिंग कार्य के चलते भोपाल मेट्रो की टाइमिंग फिर बदली

भोपाल। भोपाल मेट्रो की संचालन समय-सारिणी में एक बार फिर बदलाव किया गया है।...

मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी महंगी, 1 अप्रैल से गाइडलाइन दरों में औसतन 16% बढ़ोतरी

भोपाल। मप्र में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो गया है। सरकार ने...

परीक्षा देने आई छात्रा से होटल कर्मचारी ने किया दुष्कर्म, शादी का झांसा देकर फंसाया

भोपाल। मप्र की राजधानी के मंगलवारा इलाके में एक होटल कर्मचारी द्वारा इंदौर की...

एमपी में सेहत से खिलवाड़: ग्वालियर मिलावट में नंबर-1, दूध-घी जैसे रोजमर्रा के 2000 से ज्यादा सैंपल फेल

भोपाल। मध्य प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध के दावों के बीच मिलावटखोरी का...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...