20.3 C
London
Saturday, April 25, 2026
HomeUncategorizedकर्मचारियों पर उमड़ा इस कंपनी का प्रेम, दे दी 11 दिन की...

कर्मचारियों पर उमड़ा इस कंपनी का प्रेम, दे दी 11 दिन की छुट्टी, कहा- मौज करो!

Published on

नई दिल्ली,

लोगों के काम करने तौर-तरीके समय के साथ बदल रहे हैं. खासकर नए जमाने की कंपनियां ऑफिस के माहौल और वर्क कल्चर को बदलने में बड़ा योगदान दे रही हैं. कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए इन्सेन्टिव के तौर पर गिफ्ट या कंपनी के शेयर देने का चलन काफी आम हो चुका है. अब कंपनियां इससे अलग कुछ हटकर करने लगी हैं. इसी कड़ी में स्टार्टअप कंपनी मीशो (Meesho) ने एक अनोखा ऐलान किया है. कंपनी फेस्टिव सीजन के बाद अपने कर्मचारियों को 11 दिनों का ब्रेक दे रही है, ताकि वे बेहतर तरीके से जीवन जी सकें और तनाव से मुक्त रह सकें.

लगातार दूसरे साल मिल रहा ब्रेक
ऑनलाइन शॉपिंग साइट चलाने वाली कंपनी मीशो ने इस 11 दिनों के ब्रेक को ‘रिसेट एंड रिचार्ज ब्रेक (Reset and Recharge Break)’ नाम दिया है. कंपनी इससे पहले भी ऐसा कर चुकी है और यह लगातार दूसरा साल है जब मीशो के कर्मचारियों को ब्रेक मिल रहा है. यह ब्रेक फेस्टिव सीजन के बाद 22 अक्टूबर से शुरू होगा और 01 नवंबर तक चलेगा. कंपनी का कहना है कि यह इंडस्ट्री में पहली बार हो रहा है और इससे मीशो के कर्मचारियों को व्यस्त फेस्टिव सीजन सेल पीरियड के बाद काम से पूरी तरह दूर होकर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने में मदद मिलेगी.

कंपनी के सीईओ ने कही ये बात
मीशो के फाउंडर एवं सीईओ विदित आत्रे ने ट्वीट किया, ‘यहां तक कि अंतरिक्ष यात्रियों को भी ब्रेक की जरूरत होती है, उसी तरह कंपनी के मूनशॉट मिशंस पर काम कर रहे लोगों को भी ब्रेक की जरूरत है. लगातार दूसरे साल मीशो के कर्मचारी 11 दिनों के लिए खुद को काम से अनप्लग करेंगे और फेस्टिव सीजन के बाद खुद को रिसेट व रिचार्ज करेंगे. काम महत्वपूर्ण है लेकिन सही रहने का कोई मूल्य नहीं है.’

कर्मचारियों को संपत्ति मानती है मीशो
सीईओ आत्रे के पोस्ट पर कमेंट में मीशो ने ट्वीट किया, ‘फेस्टिव सीजन के दौरान एक सालाना ब्रेक, हम ऐसे काम करते हैं.’ कंपनी का कहना है कि 11 दिनों का यह ब्रेक ‘कर्मचारियों पर केंद्रित वर्कप्लेस, जो वास्तव में अपनी सबसे बड़ी संपत्ति यानी अपने कर्मचारियों का ख्याल रखता है’ के प्रति कमिटमेंट का रिफ्लेक्शन है. कंपनी ने कहा कि ऐसे समय में जब बर्नआउट और एंजाइटी वर्कप्लेस की सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरा है, ‘रिसेट एंड रिचार्ज’ अन्य कंपनियों को भी कर्मचारियों के हिसाब की आदतें अपनाने को प्रेरित करेगा.

अपनी मर्जी से करें ब्रेक का इस्तेमाल
मीशो के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने कहा कि एक अच्छा कंपनी कल्चर तैयार करने के लिए इस बात को स्वीकार करने की जरूरत होती है कि कर्मचारियों की बेहतरी के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस, रेस्ट और रेजुवनेशन जरूरी है. ‘रिसेट एंड रिचार्ज’ के जरिए हम यही कर रहे हैं और वर्कप्लेस की पारंपरिक अवधारणाओं को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ब्रेक के दौरान कर्मचारी अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकते हैं. वे चाहें तो अपने नजदीकी लोगों के साथ समय बिताएं या कोई नया कौशल सीखें या कहीं ट्रैवल करें.

 

Latest articles

मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय मजदूर संघ ने किया सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश श्रम एव पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय...

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...