दुनियाभर में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हाल के महीनों में काफी प्रभावित हुई है, लेकिन चीन ऐसा देश हैं, जो बीते 10 वर्षों से इलेक्ट्रिक कार बेचने के मामले में नंबर 1 पर है। ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि आखिरकार ऐसा क्या है चीन के पास कि वहां लोग खूब इलेक्ट्रिक कारें खरीद रहे हैं। दरअसल, इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में चार्जिंग स्टेशन का अहम योगदान है और चीन इस मामले में अव्वल है। आइए, आपको कुछ आंकड़ों के जरिये चीन में न्यू एनर्जी वीइकल्स, यानी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री पर नजर डालते हैं।
चीन में इलेक्ट्रिक कारों का वार्षिक उत्पादन 12.888 मिलियन यूनिट है और सबसे ज्यादा दिलचस्प यह बात है कि इनमें12.866 मिलियन यूनिट हर साल बिक भी जाती है। इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी एक्जीबिशन और बेहतर चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्टर के साथ ही अच्छे सिस्टम की वजह से वहां लोग इलेक्ट्रिक कारें खूब खरीद रहे हैं। चीन में बीवाईडी कंपनी की कारें काफी पॉपुलर हैं।
इलेक्ट्रिक कारों की रेंज भी अच्छी
चीन में इलेक्ट्रिक कारों की औसत सिंगल चार्ज रेंज 500 किलोमीटर की है। चीन में 12.818 मिलियन चार्जिंग पाइल और 4,443 बैटरी स्वैप स्टेशन हैं, जिसकी वजह से लोगों के मन में यह दुविधा नहीं रहती कि कार की बैटरी खत्म हो गई तो फिर चार्ज कहां करेंगे। जगह-जगह फास्ट चार्जिंग की सुविधा ने ईवी अडॉप्शन को काफी बढ़ा दिया है।
नई टेक्नॉलजी और बेहतर पॉलिसी
आपको जानकर हैरानी होगी कि चीन बीते 10 वर्षों से नए ऊर्जा वाहनों के उत्पादन और बिक्री में दुनिया में नंबर एक बना हुआ है। यह जानकारी चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के उप मंत्री च्यांग युनमिंग ने दी है। 2024 में चीन ने 1.28 करोड़ से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारों की मैन्युफैक्चरिंग और सेल हुई। इसके साथ ही चीन ने बैटरी बनाने की सामग्री और पावर बैटरी के उत्पादन में भी दुनिया में अपना दबदबा बनाया हुआ है। चीन सरकार आगे भी नई टेक्नॉलजी और पॉलिसी के जरिये इस क्षेत्र में अपना विकास जारी रखना चाहती है।
कई मामलों में चीन का दबदबा
चीन में बनी इलेक्ट्रिक कारें 70 से ज्यादा देशों में निर्यात की जाती हैं। चीन में बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां पहले से बेहतर और ज्यादा दूरी तक चलने वाले हो गए हैं। दुनिया में इस्तेमाल होने वाली 70 फीसदी बैटरी सामग्री और 60 फीसदी पावर बैटरी चीन से आती हैं। चीन में चार्जिंग की सुविधा भी बढ़िया है। यहां 1.28 करोड़ से ज़्यादा चार्जिंग पॉइंट और 4,443 बैटरी स्वैप स्टेशन हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा चार्जिंग नेटवर्क है। चीन में फास्ट चार्जिंग तकनीक भी उपलब्ध है, जिससे गाड़ी की बैटरी सिर्फ 15 मिनट में 80 फीसदी तक चार्ज हो जाती है।
