स्वरा भास्कर महाराष्ट्र चुनाव में पति फहाद अहमद को सपोर्ट करने के लिए प्रचार के मैदान में उतरी थीं और खूब पसीने बहाए थे। इस दौरान एक फोटो उनका सोशल मीडिया पर छाया था, जिसमें वो मौलाना सज्जाद नौमानी के साथ नजर आई थीं। सोशल मीडिया पर नजर आई इस तस्वीर को लेकर बाद में बहुत बवाल भी हुआ था। अब ‘बीबीसी हिन्दी’ के साथ हुई बातचीत में इसी तस्वीर को लेकर स्वरा से सवाल पूछा गया, जिसका उन्होंने करारा जवाब भी दिया है ।
उनसे इस इंटरव्यू में सवाल किया गया कि उनकी तस्वीर देखकर लोगों ने कहा कि कंजर्वेटिव पहनावा है और लिबरल लोगों को लग रहा था कि पोलराइजेशन (दो विरोधी समूहों में बांटने की प्रक्रिया) की वजह से ऐसा है। बता दें कि फहाद ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। फहाद ने इस पोस्ट में लिखा था, ‘जनाब हजरत मौलाना सज्जाद नोमानी साहब की खिदमत में हाजिर हुए और उन्होंने हमे खूब दुआओं से नवाजा।’ अब इसी तस्वीर पर अपनी बातें साफ करते हुए स्वरा ने इसकी कहानी सुनाई।
स्वरा ने कहा- फहाद ने मैनेजर से तस्वीर शेयर करने को कहा था
स्वरा ने कहा, ‘चुनाव में बहुत ज्यादा उथल-पुछल रहता है। वो मीटिंग दरअसल काफी दिन पहले हो चुकी थी। फहाद ने हमारे जो सोशल मीडिया मैनेजर थे उनको कहा था कि फोटो पोस्ट कर देना। और वो जो सोशल मीडिया मैनेजर थे उन्होंने वो फोटो डाल दिया। मुझे लगता है कि किसी को ये अंदाजा नहीं था कि इतना बवाल मच जाएगा उस मुद्दे पर।’
‘सज्जाद नोमानी साहब तो एक शख्स थे जिनसे हम मिले, ऐसे बहुत सारे लोग हैं’
उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे सिर्फ इतना कहना है कि सज्जाद नोमानी साहब तो एक शख्स थे जिनसे हम मिले जो पोलराइजिंग थे, हम तो बहुत सारे ऐसे लोगों से मिले जो पोलराइजिंग हो सकते हैं दोनों पक्ष के। मैं पहली बार सज्जाद नौमानी साहब की बाकी जो टिप्पणियां थी, वो कभी सुनी नहीं थी। मैं पहली बार उनसे मिल रही थी तो मेरे पास उस तरीके का कॉन्टेक्स्ट नहीं था। ये मैंने बाद में… बवाल होने लगा तो पढ़ा।’
स्वरा ने कहा- मुझे लगता है इससे ज्यादा इंडियन चीज कुछ हो नहीं सकती
स्वरा भास्कर ने अपनी बात रखते हुए आगे कहा, ‘ऑफकोर्स मैं इससे अग्री नहीं करती, मैंने सारी व्यूज़ बहुत खुलकर रखे हैं। मैं एक फेमिनिस्ट हूं, लेकिन किसने कहा कि फेमिनस्ट दूसरों की आस्थाओं का आदर नहीं करते या अदब नहीं दिखाते हैं अपने से बड़े लोगों को। किसने कहा कि जब हमलोग मंदिर में जाते हैं तो अपना सिर ढकते हैं, गुरुद्वारे में जाते हैं तो अपना सिर ढकते हैं तो अब आप मौलाना से मिलने जा रहे थे , मस्जिद के सामने से जा रहे थे तो सिर ढक लिया…मुझे लगता है इससे ज्यादा इंडियन चीज कुछ हो नहीं सकती।’
मौलाना सज्जाद नोमानी ने की थी हुक्का-पानी बंद करने की बात
बता दें कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की वोटिंग से पहले उनका एक बयान काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की थी कि जो बीजेपी का साथ दे तो ऐसे लोगों का हुक्का-पानी बंद होना चाहिए। हालांकि बाद में कांग्रेस ने भी मौलाना के बयान से किनारा कर लिया था।
