नई दिल्ली,
“सोना एक खजाना है, और जिसके पास यह है वह इस दुनिया में जो चाहे कर सकता है.” पांच सौ साल पहले कही गई कोलंबस की ये बात आज भी सच साबित होती है. यही वजह है कि आज भी लोग गोल्ड को भरोसे के रूप में देखते हैं. विश्व की सरकारों का गोल्ड रिजर्व भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि सोना भरोसे का साथी, विश्वसनीय संपत्ति, और आर्थिक अनिश्चितता के खिलाफ सुरक्षा का प्रतीक रहा है.
पिछले साल अलग अलग देशों के सेंट्रल बैंकों ने सबसे ज्यादा सोना खरीदा. आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन साल से दुनिया के केंद्रीय बैंक हर साल 1000 टन से ज्यादा सोना खरीद रहे हैं. 2024 में दुनिया के बैंकों ने 1045 टन सोना खरीदा. साल 2024 में सोना खरीदने वाले देशों में नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड पहले नंबर पर रहा. दूसरे नंबर पर रहा भारत का रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और तीसरे नंबर पर रहा सेंट्रल बैंक ऑफ तुर्की.
2023 में दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने 1037 टन सोना खरीदा था.
इससे पिछली साल यानी कि 2022 में दुनिया के बैंकों ने रिकॉर्ड मात्रा सोना खरीदा था. इस साल केंद्रीय बैंकों ने 1136 टन सोना खरीदा था. ये 1950 के बाद अब तक सोने की सबसे ज्यादा खरीद थी.
RBI ने कितना सोना खरीदा?
आरबीआई ने 2024 में अपने सोने के स्टॉक में 72.6 टन की वृद्धि की है. पहले नंबर पर रहने वाले नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड ने वर्ष 2024 में 90 टन सोना खरीदा है.
अब RBI के पास कितना सोना है?
दिसंबर 2024 के अंत तक RBI के पास सोने का नवीनतम स्टॉक 876.18 टन था, जिसकी कीमत 66.2 बिलियन डॉलर थी, जो एक साल पहले इसी अवधि में 803.58 टन था, जिसकी कीमत 48.3 बिलियन डॉलर थी. यानी कि एक कैलेंडर वर्ष में 72.6 टन की खरीद हुई है.2024 में सोने की खरीद 2021 के बाद से सबसे अधिक रही है और 2017 में सोना खरीदना शुरू करने के बाद से किसी भी कैलेंडर वर्ष में यह दूसरी सबसे अधिक खरीद है.
2024 में किस देश ने कितना सोना खरीदा?
साल 2024 में नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड सोने का सबसे बड़ी खरीदार रहा. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2024 में 90 टन सोना खरीदा. इसी के साथ इसका सोने का भंडार 448 टन हो गया है. सेंट्रल बैंक ऑफ तुर्की ने वर्ष 2024 में 75 टन सोने की खरीद की थी. इसके साथ ही तुर्की के पास सोने का कुल भंडार 585 टन हो गया है. 72 टन सोने की खरीद के साथ भारत दूसरे नंबर पर था.
चीन ने वर्ष 2024 में 34 टन सोना खरीदा है. लेकिन भारत के मुकाबले चीन का सोने का भंडार लगभग तीन गुना ज्यादा है. गोल्ड काउंसिल के अनुसार चीन के पास 2264 टन सोने का रिजर्व है. वर्ष 2024 में सोने के प्रमुख खरीदारों में हंगरी (16 टन), सर्बिया (8 टन), जॉर्जिया (7 टन), उज्बेकिस्तान (11 टन) और चेक गणराज्य (नवंबर में 2 टन) शामिल थे.
सोने के पीछे पागल क्यों है दुनिया?
सवाल है कि दुनिया सोने की दीवानी क्यों है? इसके पीछे कई भू-राजनीतिक कारण जिम्मेदार हैं. लेकिन ट्रंप की वापसी, ट्रंप की अस्थिर व्यापार नीतियां, टैरिफ को बतौर व्यापारिक हथियार इस्तेमाल करना, हमास-इजरायल युद्ध, यूक्रेन-रूस वॉर, महामारी की वापसी का डर ऐसे वजह हैं जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, संशय का वातावरण है.
इन आशंकाओं से निपटने के लिए दुनिया के बैंक सोना की खरीदारी कर रहे हैं. क्योंकि सोना एक ऐसी धातु है जो अपना मूल्य कभी नहीं खोता है. गौरतलब है कि 2025 के 40 दिन ही गुजरे हैं लेकिन इन 40 दिनों में ही सोने की कीमतें 10 फीसदी बढ़ गई हैं. सोमवार को ही सोने की कीमत 1.5 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई.
